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मंदसौर में चार बच्चों को लेकर कुएं में कूदने वाली महिला को चार बार आजीवन कारावास, पति की मारपीट से थी परेशान, चारों बच्चे मर गए

प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गरोठ निरंजन कुमार पांचाल ने दो साल पहले चार बच्चों को कुएं में धकेलकर हत्या करने वाली महिला को चार बार के आजीवन कारावास से दं...और पढ़ें

By Alok SharmaEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Tue, 01 Sep 2026 08:14:45 PM (IST)Updated Date: Tue, 01 Sep 2026 08:14:45 PM (IST)
मंदसौर में चार बच्चों को लेकर कुएं में कूदने वाली महिला को चार बार आजीवन कारावास, पति की मारपीट से थी परेशान, चारों बच्चे मर गए
महिला को चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। (एआई इमेज)

HighLights

  1. सुगनाबाई पत्नी रोड़सिंह बंजारा प्रतिदिन पति से होने वाले झगड़े से परेशान थी
  2. इसके चलते ही चारों बच्चों को धकेलकर खुद भी कुएं में कूद गई थी
  3. ग्रामीणों ने सुगनाबाई को बाहर निकाल लिया और बच्चों को नहीं बचा पाए थे

नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर/गरोठ। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश गरोठ निरंजन कुमार पांचाल ने दो साल पहले चार बच्चों को कुएं में धकेलकर हत्या करने वाली महिला को चार बार के आजीवन कारावास से दंडित किया। साथ ही 2000-2000 रुपये का जुर्माना भी किया था।

आरोपी सुगनाबाई पत्नी रोड़सिंह बंजारा प्रतिदिन पति से होने वाले झगड़े से परेशान थी और इसके चलते ही चारों बच्चों को धकेलकर खुद भी कुएं में कूद गई थी पर ग्रामीणों ने सुगनाबाई को बाहर निकाल लिया और बच्चों को नहीं बचा पाए थे।


अभियोजन के अनुसार गरोठ तहसील के ग्राम पीपलखेड़ा में 14 जुलाई 2024 को सुबह 6:15 बजे सुगनाबाई ने पति रोड़सिंह की प्रताड़ना से तंग आकर खेत पर बने कुएं में अपने चार बच्चों कार्तिक 2 वर्ष, बंटी 9 वर्ष, अनुष्का 7 वर्ष, मुस्कान 4 वर्ष को धकेलकर खुद भी कूद गई थी। इसी दौरान वहां पहुंचे ग्रामीणों ने सुगनाबाई को तो बचा लिए पर चारों बच्चों की मृत्यु हो गई थी।

गरोठ पुलिस ने सुगनाबाई व उसके पति रोड़सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1), 85, 55, 3 (5) के तहत प्रकरण दर्ज किया। जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश निरंजन कुमार पांचाल ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपित सुगनाबाई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत प्रत्येक बच्चे की मृत्यु के लिए पृथक-पृथक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 2000-2000 रुपये अर्थदंड भी किया।

सुबह भाई को फोन कर कहा था- हम मरने जा रहे हैं

14 जुलाई 2024 को ग्राम पीपलखेड़ी में सुबह लगभग 6 बजे सुबह सुगनाबाई ने भाई को फोन कर कहा था कि अब हम मरने जा रहे हैं। इसके बाद 40 वर्षीय सुगनाबाई पत्नीप रोड़सिंह बंजारा ने अपने चार बच्चों 9 वर्षीय बंटी, 7 वर्षीय अनुष्का, 4 वर्षीय मुस्कान और 2 वर्षीय कार्तिक को पहले कुएं में धकेलकर खुद ने भी छलांग लगा दी थी।

शादी के बाद से ही पति शराब पीकर मारपीट करता था

हादसे में चारों बच्चों की मौत हो गई। सुगनाबाई को ग्रामीणों ने बचा लिया। बाद में उसने गरोठ की तत्कालीन एएसपी हेमलता कुरील को बताया था कि लगभग 17 वर्ष पहले शादी हुई थी। शादी के बाद से ही रोड़सिंह बंजारा शराब पीकर मारपीट करता था और प्रताडि़त करता रहता था।

घर में कलह बना रहता था

बच्चों के साथ भी ठीक से नहीं रहता था। इसके चलते घर में कलह बना रहता था। बच्चों व पत्नी को छोड़कर घर से भाग जाता और जब भी आता मारपीट करता रहता था। 13 जुलाई 2024 की रात को भी बच्चों सहित पत्नी के साथ मारपीट कर घर से बाहर निकाल दिया था।

रात में चारों बच्चों को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र चली गई थी

पति की पिटाई से बचकर सुगनाबाई रात में चारों बच्चों को लेकर आंगनबाड़ी केंद्र चली गई थी। रात भर वहीं रही। 14 जुलाई 2024 की सुबह बच्चों के साथ खेत पर पहुंची और कुएं में छलांग लगा दी। तब सुगनाबाई ने बताया था पति आए दिन मारपीट करता था। रात में शराब पीकर पीटा। मुझे और बच्चों को बारिश में घर से बाहर निकाल दिया। मैं गिड़गिड़ाती रही। इसके बाद मैंने मरने की ठान ली।

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