Mhow News: महू के आर्मीवार कालेज में गाड़ी के सामने दौड़ते हुए नजर आया तेंदुआ
Mhow News तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे लगाए, पर वह पकड़ में नहीं आया। इस बीच आर्मीवार कालेज से बाहर जाते हुए भी नजर आया था। ...और पढ़ें
By Hemant Kumar UpadhyayEdited By: Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Sun, 19 Nov 2023 11:50:39 AM (IST)Updated Date: Sun, 19 Nov 2023 11:50:39 AM (IST)
HighLights
- आठ अक्टूबर को जहां दिखा था फिर उसी क्षेत्र में पहुंचा
- वन विभाग ने चार दिन में दूसरा पिंजरा लगाया
- तेंदुआ टूटी हुई दीवार और पेड़ के सहारे आर्मीवार कालेज परिसर में गया था।
Mhow News: नईदुनिया प्रतिनिधि, महू । महू के आर्मीवार कालेज (एडब्ल्यूसी) में शुक्रवार को फिर से तेंदुए का मूवमेंट नजर आया है। इसके तीन दिन पहले भी यहां देखा गया था। इसके बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। अब फिर एक अन्य स्थान पर भी पिंजरा लगाया गया है।
फिर उसी जगह नजर आया
शुक्रवार को तेंदुआ फिर से उसी जगह पर नजर आया जहां वह आठ अक्टूबर की रात नजर आया था। पहले भी तेंदुआ टूटी हुई दीवार और पेड़ के सहारे आर्मीवार कालेज परिसर में गया था। एक बार फिर उसी क्षेत्र में उसका मूवमेंट हुआ है। इसमें वह गाड़ी पर जा रहे लोगों के सामने से भागता हुआ नजर आया।
लगातार तेंदुए का मूवमेंट
महू के सैन्य परिसर आर्मीवार कालेज और मिलिट्री कालेज आफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में लगातार तेंदुए का मूवमेंट जारी है। तेंदुआ परिसर में लगातार आना-जाना कर रहा है। यह सिलसिला आठ अक्टूबर से जारी है। आठ और नौ अक्टूबर की रात ग्राम कोदरिया के खेत में से होकर आर्मीवार कालेज की दीवार कूदकर तेंदुआ एडब्ल्यूसी के परिसर में गया था, जहां उसका सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था।
दो जगह लगाए पिंजरे
इसके बाद वह तेंदुआ एमसीटीई में चला गया था। इस कारण दोनों जगह तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए थे, पर सफलता नहीं मिली। इसके बाद से पांच बार से अधिक तेंदुए का मूवमेंट होता रहा। वन विभाग ने पिंजरे लगाए, पर वह पकड़ में नहीं आया। इस बीच आर्मीवार कालेज से बाहर जाते हुए भी नजर आया था।
शनिवार को दूसरा पिंजरा लगाया
तीन दिन पहले वन विभाग ने सर्चिंग शुरू कर दी थी और उस क्षेत्र में पिंजरा भी लगाया था। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूसरा पिंजरा भी लगा दिया गया है। हमें उसकी सही लोकेशन पता नहीं चल पा रही है। एडब्ल्यूसी और एमसीटीई में घना जंगल है साथ ही पीने के पानी की भी व्यवस्था है। वहां श्वान, नीलगाय और जंगली सूअर जैसे शिकार भी मिल जाते हैं। इस कारण वह बार-बार उस क्षेत्र में जा रहा है। हमने सैन्य अधिकारियों से जगह-जगह से टूटी बाउंड्री वाल को ठीक करने और किनारे लगे पेड़ों की छटाई करने का सुझाव भी दिया है।