
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। महू के मध्यभारत अस्पताल में शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई। शुक्रवार को 16 मरीजों को सलाइन लगाई गई और उसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इनमें से एक मरीज की मौत हो गई, वहीं अन्य मरीज अस्पताल से भाग कर निजी अस्पताल चले गए।
इस घटना से अस्पताल में हंगामा हो गया। अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के स्वजन उन्हें बिना डिस्चार्ज कराए ही अस्पताल से लेकर चले गए। शुक्रवार को सागौर कुटी की धरमकुंज कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय धर्मेंद्र मिश्रा को स्वजन दोपहर दो बजे मध्यभारत अस्पताल लाए।
धर्मेंद्र के रिश्तेदार अमरीश पांडे ने बताया कि धर्मेंद्र को तेज बुखार था। अस्पताल में लाकर उसे भर्ती करने को कहा। भर्ती करने के बाद जनरल वार्ड में आईवी किट से एनएस सलाइन लगाई गई। सलाइन लगाते ही उसे तेज ठंड लगने लगी।

कुछ देर बाद उसकी तबीयत अधिक बिगड़ने लगी और उसकी पल्स जाने लगी। देखते ही देखते धर्मेंद्र की मौत हो गई। इसी तरह अन्य छह मरीजों को आईवी किट व एनएस सलाइन लगाई गई, जिससे मरीजों को ठंड लगने की शिकायत हुई और तबीयत बिगड़ने लगी।
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एक मरीज की मौत होने के बाद अन्य मरीज भी घबरा गए और अस्पताल से भाग गए। घटना के तीन घंटे बाद तक शव बेड पर ही पड़ा रहा। अस्पताल प्रभारी अस्पताल में मौजूद थे। देर शाम एसडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा और नायब तहसीलदार राधावल्लभ धाकड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
एसडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा का कहना है कि मरीजों को सलाइन लगाने के बाद ठंड लगने की समस्या हुई थी। जिस मरीज की मौत हुई, उसे भी यह शिकायत हुई है। पोस्टमार्टम कराकर मौत का सही कारण जानने का प्रयास करेंगे। साथ ही आईवी किट को भी जांच के लिए भेजेंगे।
सलाइन लगाने के लिए जो आईवी किट का उपयोग किया गया था। उसका बाक्स शुक्रवार को ही खोला था। मरीजों की तबीयत किस कारण बिगड़ी इस मामले की जांच करेंगे। - डॉ. हंसराज वर्मा, अस्पताल प्रभारी