
महू। बाबा साहेब की जन्मस्थली के रूप में पहचाने जाने वाले महू शहर की पहचान अब और भी ठोस हो चुकी है। यहां का रेलवे स्टेशन भी अब औपचारिक रूप से बाबा साहेब आंबेडकर रेलवे स्टेशन के रूप में पहचाना जाएगा। केंद्र सरकार ने इस पर सहमति दे दी है और प्रदेश सरकार ने भी इस पर एक सूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। इस नाम के लिए कई बहुजन संगठनों ने लंबी लड़ाई लड़ी है, जिसका प्रतिसाद अब मिल सका है। जाहिर है लोगों में इसके लिए खुशी है। हालांकि रक्षा मंत्रालय में अब महू छावनी को किस नाम से पुकारा जाएगा यह अभी तय नहीं है।
बाबा साहेब की जयंती पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महू आए थे तब उनसे मिल सके लोगों ने शहर से जुड़ी कुछ मांगें उनके सामने रखी थीं। जन्म स्मारक पहुंचे मोदी से स्मारक समिति के लोगों ने वर्षों से चली आ रही रेलवे स्टेशन के नाम को बदलकर बाबा साहेब के नाम पर रखने की मांग की थी, जिस पर केंद्र से महज तीन महीनों में सहमति मिल गई है।
तेरह सालों से जारी है लड़ाई
नाम बदलने की ये लड़ाई पिछले 13 वर्षों से चल रही थी तब मध्यप्रदेश सरकार ने महू तहसील का नाम डॉ. आंबेडकर नगर महू रखा था। इसके बाद शहर का नाम पूरी तरह यही रखने की एक मुहिम चल पड़ी। महू के साथ विडंबना यह रही कि राज्य सरकार की हामी भर काफी नहीं थी। छावनी होने के नाते यहां रक्षा मंत्रालय का भी निर्णय जरूरी था वहीं रेल के मसले पर रेल मंत्रालय की हां भी।
रक्षा विभाग पर संशय
अब जब केंद्र की अनापत्ति के बाद नाम बदल गया है तब राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के रिकार्ड में तो महू डॉ. आंबेडकर नगर बन चुका है, लेकिन रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज में इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक छावनी का नाम बदलेगा या नहीं यह कहना मुश्किल है। महू एक छावनी के तौर पर भी विश्वभर में जाना जाता है। यहां ब्रिटिश दौर में कई नामी हस्तियां भी रही हैं। इनमें इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री विंसेंट चर्चिल तो हैं ही, बीसवी सदी के प्रारंभिक दशकों में विश्व की जानी-मानी कवियत्री लॉरेंस होप भी शामिल हैं, जिन पर जब तब शोध करने के लिए लोग यहां आते रहे हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल महू में उस वक्त इंग्लैंड के प्रसिद्ध क्रिकेटर डेनिस कामटन भी पदस्थ रहे।
कई नेताओं से होती रही मांग
डॉ. आंबेडकर नगर बनाने के लिए कई बार नेताओं को ज्ञापन देकर मांग की गई। कुछ बड़े नेताओं की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से भी इस बारे में मांग की गई है। हाल ही में जब महू-इंदौर रेल लाइन शुरू हुई तब लोकसभा अध्यक्ष और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने लोगों से इस बारे में जल्दी ही निर्णय लेने का वादा भी किया था।