
नईदुनिया प्रतिनिधि, महू। महू न्यायालय परिसर के गेट नंबर दो के बाहर शनिवार दोपहर सुनवाई के लिए आए प्रापर्टी ब्रोकर महेंद्र वैद्य पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने ढाई साल पहले भी वैद्य व उनके मित्र पर जानलेवा हमला किया था।
प्रकरण की सुनवाई के लिए वह न्यायालय परिसर पहुंचे थे। पर आरोपित ने उन्हें न्यायालय के गेट पर राजीनामे की बात कहकर उन्हें रोका और पीछे से पकड़कर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद दराते से महेंद्र की गर्दन और कंधे पर लगातार वार किए। इस दौरान बीचबचाव करने आए लोगों को भी धक्का देकर दूर कर दिया।
महेंद्र के गर्दन पर कई गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। महू थाना प्रभारी पवन यादव ने बताया कि घटना शनिवार करीब सवा तीन बजे की है। देवजी पुत्र केसर सिंह (60) निवासी अवलाय, उसके बेटे धर्मेंद्र व लखन, बेटी हेमा पत्नी संजय निवासी अवलाय और एक अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। आरोपित हेमा को मौके से गिरफ्तार किया है व अन्य की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की हैं।
पुलिस के अनुसार करीब ढाई साल पहले अवलाय की तीन बीघा जमीन को लेकर महेंद्र वैद्य और उनके मित्र देवकरण पुत्र कुनाजी चौधरी पर आरोपित पक्ष ने जानलेवा हमला किया था। जिसमें बड़गोंदा थाने में हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हुआ था और उसकी सुनवाई के लिए शनिवार को महेंद्र वैद्य व देवकरण दोनों न्यायालय पहुंचे थे।
हालांकि सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई। इसके बाद दोनों न्यायालय से बाहर निकल रहे थे। न्यायालय के गेट नंबर दो के बाहर हेमा ने दोनों का रास्ता रोक लिया और कहा कि राजीनामा कर लेते हैं। इस पर महेंद्र ने सहमति जताई। तभी पीछे से धर्मेंद्र और लखन ने महेंद्र को पकड़कर नीचे गिरा दिया। वहीं देवजी ने देवकरण के चेहरे पर मुक्का मारकर उसे भी गिरा दिया। इसके बाद धर्मेंद्र ने दराते से महेंद्र की गर्दन और कंधे पर लगातार 12-15 वार किए।
हमले के दौरान न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास करने लगे तो हेमा, देवजी और एक अन्य बीच में खड़े हो गए और लोगों को धक्का देने लगे। हमला करने के बाद आरोपित दोपहिया वाहनों से मौके से भाग गए। वहीं हेमा को अधिवक्ताओं ने पकड़ लिया और पुलिस के पहुंचने पर उसे सौंप दिया।
पुलिस को घटनास्थल से लाल रंग का एक बैग मिला है, जिसमें दराता रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार वारदात से पहले आरोपितों ने योजना बनाई थी। घटना के बाद फरार आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं और उनके घर पर भी ताला लगा मिला है। तीन पुलिस टीमें आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उनकी तलाश कर रही हैं।
महेंद्र वैद्य और आरोपित पक्ष के बीच अवलाय की करीब तीन बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। महेंद्र वैद्य का दावा है कि जमीन उनकी है, जबकि आरोपित पक्ष जमीन पर अपना दावा करता है। इसी विवाद को लेकर करीब ढाई साल पहले महेंद्र वैद्य और देवकरण चौधरी पर हमला हुआ था।
उस मामले में देवजी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज हुआ था। महेंद्र वैद्य पहले अभिभाषक के रूप में कार्य करते थे, लेकिन वर्तमान में प्रापर्टी ब्रोकर का काम करते हैं। पूरी घटना न्यायालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है।
घटना के बाद पूरा अभिभाषक संघ एडिशनल एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया। जहां उन्हाेंने एएसपी राज कृष्णा को ज्ञापन सौंपकर कर न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की है। संघ अध्यक्ष भरत सिंह ठाकुर ने बताया कि न्यायालय परिसर में दो पुलिसकर्मियों की तैनाती होना चाहिए जो कि हर व्यक्ति पर नजर रखे और बिना कारण न्यायालय में जाने वाले लोगों को रोके। वहीं मेटल डिटेक्टर लगवाने की भी मांग की जिससे कोई भी व्यक्ति न्यायालय परिसर में किसी भी तरह का हथियार लेकर ना जा सके। यह अभिभाषकों की सुरक्षा के लिए अति आवश्यक है।
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