
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। चंबल नदी में मगरमच्छों की आबादी बढ़ती जा रही है और यह खतरनाक जलीय जीव नदी से निकलकर बस्तियों तक भी पहुंचने लगे हैं। ऐसी ही एक घटना बीती रविवार-सोमवार की रात में देवगढ़ क्षेत्र में हुई, जहां चंबल नदी से चार किलोमीटर दूर मगरमच्छ एक घर के आंगन में जा पहुंचा। पूरा परिवार सदमे में आ गया। सूचना के बाद चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य की टीम ने साढ़े तीन घंटे रेस्क्यू चलाया, तब जाकर मगरमच्छ पकड़कर चंबल नदी में छोड़ा गया।
घटना देवगढ़ थाना क्षेत्र के खुलावली गांव में शाला चौकी के पास की है। इस गांव के खेतों में कई ग्रामीणों ने घर बना लिए हैं। बस्ती के पास ही खेत में बने एक घर में रात 11 बजे विशाल मगरमच्छ जा पहुंचा। मवेशियों के रंभाने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य जागे, तब आंगन में 11 फीट लंबा मगरमच्छ था।
परिवार के लोग डर गए, उन्हें मगरमच्छ से मवेशियों को खतरा लगने लगा, इसलिए लंबे-लंबे डंडों से मगरमच्छ को खदेड़कर आंगन से बाहर किया।
घर के आंगन से बाहर निकला मगरमच्छ एक जगह जम गया। इसके बाद ग्रामीणों ने रात में ही डीएफओ एससी बघेल को सूचना दी। रात 12 बजे रेस्क्यू टीम भेजी गई। मगरमच्छ इतना बड़ा और फुर्तीला था कि कई बार रेस्क्यू टीम की रस्सी व जाल से निकल गया। यह रेस्क्यू सुबह 4 बजे तक चला, तब जाकर मगरमच्छ को पकड़कर चंबल नदी के राजघाट पर छोड़ा गया।
घड़ियाल अभ्यारण्य के केयरटेकर ज्योति दंडौतिया ने बताया कि संभवतः यह मगरमच्छ नदी से किसी छोटे जलाशय में गया, वहां भोजन नहीं मिला तो चलते-चलते इतनी दूर बस्ती में पहुंच गया।