Morena News: मुरैना के कोट सिरथरा गांव के घर में बन रहा था नकली दूध, छापामार कार्रवाई में पकड़ा
फूड सेफ्टी विभाग ने पहली बार कार्रवाई के दौरान लिक्विड साबुन, रिफाइंड ऑयल आदि से दूध बनते पकड़ा।
By anil.tomar
Edited By: anil.tomar
Publish Date: Fri, 20 Nov 2020 03:59:24 PM (IST)
Updated Date: Fri, 20 Nov 2020 04:59:37 PM (IST)

- फूड सेफ्टी विभाग ने पहली बार कार्रवाई के दौरान लिक्विड साबुन, रिफाइंड ऑयल आदि से दूध बनते पकड़ा।
मुरैना (नईदुनिया प्रतिनिधि)। फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने शुक्रवार की सुबह कलारस तहसील के कोट सिरथरा गांव में नकली दूध बनाने का प्लांट पकड़ा है। नकली दूध बनाने का यह प्लांट एक घर में चल रहा था जिसमें लिक्विड साबुन, रिफाइंड ऑयल व कैमिकलों का उपयोग कर दूध बनाया जा रहा था। मुरैना जिले में ऐसा पहली बार हुआ है जब फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने नकली दूध बनाते हुए आरोपितों को पकड़ा है।
फूड सेफ्टी विभाग के निरीक्षण अवनीश गुप्ता, महेन्द्र सिंह सिरौहिया शुक्रवार की सुबह 8 बजे ही कैलारस थाना की पुलिस टीम को लेकर कोट सिरथरा गांव में कार्रवाई करने पहुंच गए। फूड सेफ्टी अफसर अवनीश गुप्ता ने बताया कि उन्हें कोट सिरथरा गांव में नकली दूध बनाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने एक घर में छापामार कार्रवाई की। जहां कई ड्रमों में नकली दूध बनाने का काम चल रहा था। कोट सिरथरा गांव का निवासी अवधेश अपने स्वजन व नौकरों के साथ मिलकर बड़ा मिक्सर मशीन से रिफाइंड ऑयल, लिक्विड साबुन, कैमिकलों को ड्रम में मिलाकर उनसे दूध तैयार कर रहा था। जब प्रशासन की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो उन्होंेने ड्रमों में 700 से 800 लीटर नकली दूध भी बना हुआ पकड़ा। इस दूध को कैलारस से लेकर मुरैना तक भेजने के लिए घर के बाहर एक मिनी लोडिंग गाड़ी क्रमांक एमपी 06 जीए 3314 भी खड़ी थी। प्रशासन की टीम ने 700 लीटर से ज्यादा दूध को नष्ट कर दिया और उसके बाद जब्ती व अन्य कार्रवाईयां की जा रही हैं।
सपरेटा के 700 लीटर दूध से बनाता 1500 लीटर दूध
कोट सिरथरा गांव में फूड सेफ्टी विभाग की टीम कार्रवाई कर रही है। अब तक हुई जांच में सामने आया है कि अवधेश शर्मा कई साल से नकली व मिलावटी दूध बनाने का काम कर रहा है। वह हर रोज 700 लीटर दूध सपरेटा (क्रीम निकला हुआ) लेता था। इसके बाद ड्रमों में मिक्सर के जरिए करीब रिफाइंड ऑयल, लिक्वड साबुन अन्य कैमिकलों को पानी में मिलाकर गाढ़ा क्रीमनुमा लिक्वड तैयार करता था। इसे 800 से 850 लीटर पानी में मिलाता था। इसके बाद 700 लीटर सपरेटा दूध को नकली दूध में मिलाकर उसे फुल क्रीम वाला दूध बना देता था। यह दूध कहां-कहां सप्लाई होता था और इस काम में कौन-कौन शामिल है इसकी जांच में पुलिस टीम जुट गई है।
यह सामान हुआ जब्त - सपरेटा दूध 700 लीटर।
- रिफाइंड पॉम ऑयल 8 टीन।
- एसएमपी 20 किलो।
- रिफाइण्ड के 63 खाली टीन।
- दूध से क्रीम निकालने वाली मशीन।
- रेंजी दो किलो।
- दूध व रिफाइंड का 60 किलो बना हुआ घोल।
वर्जन
- पहली बार जिले में नकली दूध बनते हुए प्लांट को पकड़ा है। यहां हर रोज 1500 लीटर मिलावटी दूध तैयार होता था जो कैलारस कस्बे में खपता था। मौके पर 700 लीटर से ज्यादा बने हुए दूध को पकड़ा जिसे नष्ट कर दिया गया है। इस काम में संलिप्त अन्य लोगों की भी तलाश की जांच की जा रही है।
अवनीश गुप्ता, फूड सेफ्टी ऑफिसर