
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। हाईस्कूल की फर्जी अंकसूचियों के माध्यम से डाक विभाग में डाक सेवक की नौकरी प्राप्त करने वाले मुरैना के चार युवकों को सीबीआई की जबलपुर टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। डाक विभाग की शिकायत पर सीबीआई ने आरोपितों की अंकसूची सत्यापन के लिए बिहार स्कूल एक्जामिनेशन बोर्ड के पास भेजा था, वहां से फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद बुधवार को सीबीआई निरीक्षक आकाश पांडेय के नेतृत्व में टीम ने मुरैना निवासी आरोपित मानवेंद्र सिंह सिकरवार, रमाकांत शर्मा, सौरभ शर्मा और प्रदीप खरे को गिरफ्तार कर लिया। जल्द ही इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीबीआई के मुताबिक इस मामले में चार अन्य आरोपित भी शामिल हैं। उनकी भी अंकसूचियां सत्यापन में फर्जी मिली हैं। डाक विभाग ने सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि जनवरी 2024 और जुलाई 2024 में ग्रामीण डाक सेवा के लिए निकली भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों ने पोर्टल पर दसवीं कक्षा की सेल्फ अटेस्टेड अंकसूची अपलोड की थी, जिसके आधार पर उन्हें नौकरी मिली।
आरोपितों का विवरण, उनका निवास स्थान, अंकसूची जारी करने वाले बोर्ड का नाम और उनका सेवा काल इस प्रकार है...
फर्जीवाड़े में शामिल आठों अभ्यर्थियों ने जबलपुर से नौकरी प्राप्त की थी। उनकी पोस्टिंग भी जबलपुर और कटनी जिले में की गई थी। इनमें मानवेंद्र सिंह को कुंडम, राजा बाबू और सौरभ शर्मा को पाटन, प्रदीप को कुड़ारी उमरिया बरेला और नयन को रामखिरिया शहपुरा, बद्री को संसारपुर, देवेन्द्र को उमरिया पान और रमाकांत को मोहतरा में पदस्थ किया गया था।
जांच टीम के अनुसार, नकली अंकसूचियां बनाने वाला गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है, जो बिहार स्कूल एग्जामिनेशन, मप्र राज्य ओपन, जम्मू एंड कश्मीर स्टेट ओपन और झारखंड एकेडमिक काउंसिल की फर्जी अंकसूचियां हजारों रुपये में बेचता है। सीबीआई अब इस नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
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