• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • मुरैना

कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद का 'खेल', मुरैना से चंबल नदी के जरिए यूपी में हो रही कालाबाजारी, Video वायरल

Morena News: प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना जिले में किसान एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हैं। खाद वितरण केंद्रों पर किसान लं...और पढ़ें

By Ajay RawatEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 21 Dec 2025 08:13:08 PM (IST)Updated Date: Sun, 21 Dec 2025 08:13:08 PM (IST)
कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद का 'खेल', मुरैना से चंबल नदी के जरिए यूपी में हो रही कालाबाजारी, Video वायरल
कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद का 'खेल'।

HighLights

  1. मुरैना जिले में किसान एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हैं
  2. खाद वितरण केंद्रों पर किसान लंबी-लंबी कतारों में जूझता है
  3. उसी मुरैना से उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी हो रही है

नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। प्रदेश के कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना के गृह जिले मुरैना जिले में किसान एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हैं। खाद वितरण केंद्रों पर किसान लंबी-लंबी कतारों में जूझता है, उसी मुरैना से उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी हो रही है। अंबाह-पोरसा में चंबल नदी के उसैद घाट से स्टीमर से खाद की सैकड़ों बोरे लादे जा रहे हैं। यह खाद यूपी के आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र में ले जाया जा रहा है। खाद की इस कालाबाजारी का वीडियो रविवार को इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद खाद की कालाबाजारी करने वाले चार आरोपितों पर महुआ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

आगरा में हो रही खाद की कालाबाजारी

प्रसारित हुआ वीडियो एक ग्रामीण ने मोबाइल से बनाया है, जिसमें वह कहता सुनाई दे रहा है कि ‘यूपी में यूरिया नहीं मिलने के कारण वहां के किसान मुरैना से यूरिया खाद ले जा रहे हैं। वीडियो में ई-रिक्शा व आटो से यूरिया खाद के बोरों को उतारकर स्टीमर में लादते कई लोग दिख रहे हैं। स्टीमर में 100 से अधिक बोरों का ढेर लगा है। दूसरे वीडियो में यह खाद उत्तर प्रदेश के पिनाहट घाट पर उतारते हुए कई लोग दिख रहे हैं।


कृषि मंत्री के गृह जिले में खाद का 'खेल', मुरैना से चंबल नदी के जरिए यूपी में हो रही कालाबाजारी, Video वायरल। pic.twitter.com/9HkPCjKiH0

— NaiDunia (@Nai_Dunia) December 21, 2025

बताया गया है, कि आगरा जिले के पिनाहट, परुआपुरा, देवगढ़, विप्रावली, अमरसिंह का पुरा, खेरा राठौर जैसे दर्जनों गांव हैं, जहां यूरिया व डीएपी खाद की भारी किल्लत है। उप्र के यह किसान अंबाह क्षेत्र से महंगे दामों में यूरिया व डीएपी खाद खरीद रहे हैं। खाद की इस कालाबाजारी में कृषि विभाग के कर्मचारियों से लेकर लाइसेंसी खाद विक्रेताओं तक की मिलीभगत है। मुरैना जिले में यूरिया का एक बोरा 272 रुपये का है, पिनाहट क्षेत्र के एक किसान से नईदुनिया को बताया कि अंबाह के प्राइवेट दुकानदार एक बोरे को 330 से 350 रुपये तक में उन्हें बेचते हैं।

एसएडीओ, तहसीलदार, पुलिस के साथ पहुंचे घाट पर, फिर एफआईआर

वीडियो वायरल होने के बाद कृषि विभाग के पोरसा एसडीओ मेरसिंह जम्होरिया, नायब तहसीलदार राजेंद्र मौर्य, महुआ थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गौर टीम को लेकर दोपहर के समय उसैद घाट पर पहुंचे, लेकिन उस समय खाद की खेप पिनाहट घाट से यूपी के गांवों तक जा चुकी थी। जहां रात में खाद का स्टाक करके रखा जाता है, वहां भी दबिश दी गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। स्टीमर चालक ने खाद की खेप को उस पार तक ले जाने की बात स्वीकारी। इसके बाद एसएडीओ जम्होरिया ने महुआ थाने में खाद की कालाबाजारी की शिकायत का आवेदन दिया, जिस पर पुलिस ने चार आरोपितों पर केस दर्ज किया है।

यह भी पढ़ें- देवास में 'शोले' स्टाइल ड्रामा... पसंद की शादी के लिए टावर पर चढ़ी युवती, समझाने के बाद उतरी नीचे, घंटों चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

अंबाह से आता है खाद, रोज पहले स्टीमर से जाती है खेप

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए इस वीडियो को दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। यह खाद अंबाह क्षेत्र से ही आता है, क्योंकि पोरसा से उसैद घाट का रास्ता ऊबड़-खाबड़ है, उससे खाद से भरे ई रिक्शा व आटो नहीं जा सकते। इसे लेकर उसैद-बड़ापुरा निवासी दीपक सिंह तोमर ने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है। महीनों से वह देख रहे हैं, अंबाह की ओर से रात के अंधेरे व सुबह तड़के में आटो व ई रिक्शाओं में भरकर खाद के बोरे आते है। इनमें कभी डीएपी तो कभी यूरिया खाद के बोरे होते हैं, जिन्हें पहले एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद हर रोज सुबह के समय जब स्टीमर का पहला फेरा लगता है, उसमें सवारियां बहुत कम होती है, उसी समय उसैद घाट से खाद के बोरों को लादा जाता है, जो पिनाहट घाट पर उतारे जाते हैं।