मुरैना में नकली DAP बनाने वाले प्लांट का भंडाफोड़, पानी में तुरंत घुला; 8 मजदूर धराए
मुरैना पुलिस ने जेवराखेरा में नकली डीएपी खाद पैक करने वाले प्लांट का भंडाफोड़ किया है। खाद संकट के बीच यहां सफेद बोरों से नकली खाद ब्रांडेड बोरों में ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 03:02:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 03:02:36 PM (IST)
मुरैना में नकली DAP बनाने वाले प्लांट का भंडाफोड़। (नईदुनिया)HighLights
- मुरैना में नकली डीएपी खाद बनाने वाले प्लांट का पर्दाफाश।
- सफेद बोरों से नकली खाद ब्रांडेड हरे बोरों में पैक।
- पुलिस ने 300 नकली डीएपी खाद के बोरे जब्त किए।
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। किसान एक-एक बोरी खाद के लिए परेशान हो रहा है। जो खाद स्टाक में आता है, वह आनलाइन बुकिंग में आधे घंटे में बीत जाता है। किसानों के लिए आई इस आपदा को कुछ अपराधियों ने अवसर बना लिया है और वह नकली खाद बनाकर किसानों को खपा रहे हैं।
बुधवार की शाम मुरैना के जेवराखेरा में पुलिस टीम ने नकली डीएपी पैकिंग करने वाला प्लांट पकड़ा है। यहां भारी मात्रा में नकली खाद मिला, जो पानी में डालते ही तत्काल मिट्टी की तरह घुल गया।
नकली खाद को असली डीएपी के बोरों में किया जा रहा था पैक
- दरअसल, स्टेशन रोड थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला को मुखबिर ने सूचना दी, कि जेबराखेरा रोड पर एक कच्चे से मकान में नकली खाद बनाने का काम चल रहा है। सूचना के बाद थाना प्रभारी अपनी टीम को लेकर पहुंचे। जेबराखेरा राेड पर हो रही कालोनी की प्लाटिंग के बीच, एक प्लाट में दीवार खड़ी कर हुए टिनशेड के भीतर आठ लोग बोरों की पेकिंग कर रहे थे। छानबीन करने पर पता लगा, कि सफेद रंग के बोरों से नकली डीएपी को हरे रंग के बोरों में पैक किया जा रहा था।
यह हरे रंग के बोरे इंडियन पोटाश लिमिटेड कंपनी के नाम से थे, जिन पर प्रधानमंत्री का फोटो लगा था और भारतीय जन उर्वरक परियोजना का डीएपी खाद लिखा था। पुलिस टीम तत्काल समझ गई, कि सफेद बोरों में आए नकली डीएपी को असली पैकिंग जैसे दिखने वाले बोरों में पैक किया जा रहा है। मौके पर पैक किए रखे 300 बोरे मिले। एक कमरे में सैकड़ों की संख्या में सफेद रंग के बोरे भरे हुए थे, जिनमें नकली खाद भरा हुआ है। मौके पर बोरों की पैकिंग करने वाली मशीन, बाहर एक मिनी लोडिंग मिनी, जिसमें आठ बोरे डीएपी खाद के भरे थे। पूछताछ में पता लगा, कि कुछ देर पहले ही एक लोडिंग वाहन में भरकर नकली खाद के बोरे भेजे गए हैं। कृषि अफसर बोले यह नकली
- खाद को जब्ती में लेने के बाद टीआइ शुक्ला ने कृषि विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में कृषि विभाग के उप संचालक अनंत सड़ैया अपनी टीम को लेकर पहुंच गए। उन्होंने बोरों से निकालकर कुछ खाद की मात्रा को पानी में डाला तो तत्काल घुल गया। जबकि डीएपी खाद इतनी आसानी से पानी में नहीं घुलता।
डीएपी में मौजूद नाइट्रोजन तो आसानी से घुल जाता है, लेकिन डीएपी के मौजूद फास्फोरस को पूरी तरह घुलने में 10 से 12 घंटे का समय लग सकता है। कृषि विभाग के अफसरों ने इसे नकली बताते हुए कहा, कि इसकी खपत गांवों में हो रही है। इस समय डीएपी की किल्लत है। किसान आसानी से खाद की पहचान नहीं कर सकता, इसलिए नकली खाद आसानी से खप रहा होगा। उप संचालक ने बताया कि खाद के सेंपल लिए हैं, जांच में पता लगेगा कि यह कौन सा केमिकल है या फिर केवल मिट्टी से बना दिया गया है। मजदूर बोले दो लोग लाए, वह लौटकर नहीं आए
- खाद के बोरे पैक करते हुए आठ मजदूर मिले, जिन्होंने अपने नाम श्रीनिवास जाटव, देवेंद्र जाटव, रामअवतार पिप्पल, सतीश जाटव, गिर्राज जाटव, लाखन जाटव और बारेलाल पचौरी सभी निवासी उत्तमपुरा का बताया। मजदूरों ने बताया कि वह भवन निर्माण में मजदूरी करते हैं। रोज रुई की मंडी में आते हैं, वहां से लोग काम के लिए ले जाते हैं।
- आज सुबह दो लोग आए, वह 700 रुपये मजदूरी पर लाए और कहा कि रेत को बोरों में पैक करना है। यहां आकर देखा तो सफेद बोरों से निकालकर किसी काले रंग की चीज को हरे बोरों में पैक करना था। मजदूर लाखन सिंह जाटव ने बताया कि उसने यहां आकर कहा कि यह काम रेत का नहीं है, इसके बाद एक युवक ने कह दिया कि पूरे दिन का 1000 रुपये देंगे, काम करो। इसके बाद दोनों युवक शाम पांच बजे आने की कहकर चले गए, उसके बाद लौटकर नहीं आए।
प्लाट मालिक बोला हमें पता नहीं कौन ये काम कर रहा
- जिस प्लाट में बने कच्चे व अधूरे भवन में नकली खाद पैकिंग का काम हो रहा था, उस भवन की दीवार पर यह जगह बिकाऊ है लिखा हुआ था। साथ ही मोबाइल नंबर 9300136329 लिखा हुआ था। नईदुनिया संवाददाता ने इस नंबर पर फोन किया, तो महाराजपुरा रोड निवासी बंटी प्रजापति बोले।
उन्होंने बताया यह जमीन व टिनशेड वाला भवन उनका है। लेकिन यहां नकली खाद का काम कौन कर रहा, उसका पता नहीं। बंटी ने बताया, कि वह एक महीने पहले यहां गए थे, तब कोई दरवाजा चुराकर ले गया था, अंदर मवेशी बैठी हुई थीं, इसी कारण बेचने का मन बना लिया था। बंटी ने कहा कि थाने से भी उनके पास फोन आया है, वह वहीं जा रहे हैं। मामले की जांच की जा रही है
मुखबिर से सूचना मिली, कि जेबराखेरा रोड पर प्लानिंग के बीच नकली खाद का काम हाे रहा है। यहां आने पर आठ लोग पैकिंग का काम कर रहे थे। पैक डीएपी के बोरे मिले हैं, जिन्हें कृषि विभाग ने प्रथम द्ष्टया नकली बताया गया है। खाद को जब्त कर दिया है। काम करने वाले मजदूर किन दो लोगों की बोल रहे हैं, उनके बारे में छानबीन कर रहे हैं। जांच की जा रही है कि यह खाद कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा है। दर्शन शुक्ला, टीआइ, स्टेशन रोड मुरैना
यह भी पढ़ें- ग्वालियर में खाद्य विभाग की कार्रवाई, आनंद स्वीट्स और रामावतार डेयरी समेत पांच जगह से लिए सैंपल