डॉल्फिन और घड़ियालों की शांति नहीं होगी भंग, मुरैना जिले में चंबल नदी पर बनेगा पहला 6-लेन साइलेंट केबल ब्रिज
जिले की चंबल नदी पर मध्य प्रदेश सीमा का पहला 6-लेन साइलेंट केबल ब्रिज बनने जा रहा है।
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 03:04:30 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 03:04:30 PM (IST)
चंबल नदी पर बनेगा पहला 6-लेन साइलेंट केबल ब्रिज, (फोटो-एआई जनरेटेड)HighLights
- चंबल नदी में जीवों की शांति नहीं होगी भंग
- मुरैना जिले में बनेगा पहला 6-लेन केबल ब्रिज
- साइलेंट केबल ब्रिज में लगेंगे साउंड सिस्टम
डिजिटल डेस्क, मुरैना। चंबल नदी में रहने वाले जलीय जीवों की शांति अब भंग नहीं होगी। नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल रहते हैं और उन्हें बेहद शांति पसंद होती है। यह जीव अगर थोड़ी सी शांति भंग होती है तो अपनी जगह को बदल लेते हैं।
ऐसे में इन जीवों की शांति बनाए रखने और अभयारण्य का प्राकृतिक पर्यावरण बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिले की चंबल नदी पर मध्य प्रदेश सीमा का पहला 6-लेन साइलेंट केबल ब्रिज बनने जा रहा है।
ब्रिज में लगेंगे विशेष साउंड
इस 1600 मीटर लंबे पुल में खास सुविधाओं को ध्यान रखा जाएगा। करीब डेढ़ किमी के इस ब्रिज में विशेष साउंड सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे वाहनों का शोर नीचे बह रही चंबल नदी के जीवों तक ना पहुंचे। इसके अलावा तेज रोशनी भी पानी तक नहीं पहुंचेगी।
हालांकि, चंबल नदी पर 6-लेन केबल ब्रिज इससे पहले राजस्थान के कोटा में बना हुआ है। वह पूरा ढांचा राजस्थान की सीमा में आता है। मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह पहला और साइलेंट ब्रिज होगा।
बरसात के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
उल्लेखनीय है कि, इस साइलेंट ब्रिज के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभाग समेत केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय से निर्माण कार्य की मुहर लग चुकी है। इसका निर्माण कार्य बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद शुरू हो सकता है।
नदी में नहीं बनेगा एक भी पिलर
जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान न पहुंचे, इसलिए नदी के बहते पानी में खुदाई नहीं होगी, इसके साथ पिलर भी नहीं बनेगा। पूरा ढांचा किनारों पर बने खंभों और केबल के सहारे टिका रहेगा।