मुरैना में अमानवीयता की हदें पारः तीन दिन तक नहीं मिला इलाज, मौत के बाद शव में लगे चींटे तब चेकअप को आए डॉक्टर
मुरैना में अंबाह सिविल अस्पताल में अमानवीयता की हदों को पार करने वाला मामला सामने आया है।
Publish Date: Wed, 30 Sep 2026 07:45:40 PM (IST)Updated Date: Wed, 30 Sep 2026 07:46:40 PM (IST)
HighLights
- बेहोश हालत में पोरसा चौराहे पर पड़ा था
- कोई डॉक्टर चेकअप करने बेड पर नहीं पहुंचा
- लोगों के कहने पर पहुंचे डॉक्टर ने किया चेकअप, मिला मृत
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। अंबाह सिविल अस्पताल में अमानवीयता की हदों को पार करने वाला मामला सामने आया है। बेसुध युवक तीन दिन वार्ड के पलंग पर पड़ा रहा। दम निकल गया तो शव में चींटे लग गए। एक मरीज के स्वजन की नजर पड़ी, हंगामा हुआ तो डॉक्टर शव का चेकअप करने आए।
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन मृतक को मानसिक विक्षिप्त और इलाज की बात कह रहा है, लेकिन वार्ड में भर्ती मरीजों ने कहा कि तीन दिन तक किसी डॉक्टर ने नहीं देखा।
बेहोश हालत में पोरसा चौराहे पर पड़ा था
इस बातचीत का वीडियो भी वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, पेशे से कंडक्टर बड़े तोमर सोमवार की दोपहर बेहोश हालत में पोरसा चौराहे पर पड़ा था। सूचना मिलने पर डायल-112 मौके पर पहुंची और पैर से लाचार बड़े तोमर को उपचार के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया।
चूंकि बड़े तोमर के साथ कोई परिजन देख-रेख के लिए नहीं था, इसलिए अस्पताल स्टाफ ने उसे वार्ड से इतर एक पलंग पर डाल दिया।
कोई डॉक्टर चेकअप करने बेड पर नहीं पहुंचा
सोमवार व मंगलवार को कोई डॉक्टर बड़े तोमर का चेकअप करने उसके बेड पर नहीं पहुंचा। इधर उसके दाएं पैर के घाव में इंफेक्शन बढ़ जाने से बड़े तोमर की बुधवार को मौत हो गई। बुधवार को सिविल अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर को एक मरीज के स्वजन ने बताया कि पलंग पर एक युवक बेसुध पड़ा है, शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही, वह तीन दिन से भर्ती है।
लोगों के कहने पर पहुंचे डॉक्टर ने किया चेकअप, मिला मृत
लोगों के कहने पर डॉक्टर ने बड़े तोमर के बेड पर पहुंचकर उसका चेकअप किया तो वह मृत अवस्था में मिला। बड़े तोमर की पीठ के घाव में चीटे लगे नजर आ रहे थे। मौत की सूचना मिलने पर उसके परिवार के लोग शव को घर ले गए।
बताया गया है, कि कुछ समय पहले बड़े तोमर का एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसके दाएं पैर में घाव हो गया था। बसों पर कंडक्टरी करने वाला बड़े तोमर शराब का आदी बताया गया है।
हमने ही एंबुलेंस भेजकर अस्पताल बुलवाया था। मृतक मानसिक विक्षिप्त था। उसे केनुला लगाया जिसे खोल दिया था। इसके बाद इंजेक्शन लगा रहे थे। आज रात्रि में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई है। परिवार के लोग बिना पोस्टमार्टम करवाए शव ले गए हैं।
डॉ. प्रमोद शर्मा,बीएमओ, सिविल अस्पताल अंबाह।
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