
नईदुनिया प्रतिनिधि, मुरैना। ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज लाइन का काम आधे से ज्यादा पूरा हो गया है। इस रूट पर कैलारस से सबलगढ़ व वीरपुर स्टेशनों के लिए मंगलवार से यात्री ट्रेन का संचालन शुरू हुआ। मुरैना में एक ओर जहां ट्रेन यातायात का विस्तार हो रहा था, वहीं दूसरी तरफ एक ट्रेन को ग्रामीणों ने रोक दिया। सैकड़ों ग्रामीण पटरियों पर आ गए और जौरा के थरा गांव में पौन घंटे तक ट्रेन को खड़े रखा।
कैलारस रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के शुभारंभ का कार्यक्रम रखा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया इस आयोजन में वर्चुअली जुड़े। सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने कैलारस रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर मेमू ट्रेन को सबलगढ़ के लिए रवाना किया।
कैलारस से सबलगढ़ का सफर करीब आधा घंटे में पूरा हुआ। इसके बाद सबलगढ़ से यह ट्रेन श्योपुर जिले के वीरपुर के लिए रवाना की गई। लगभग साढ़े छह साल बाद मुरैना के सबलगढ़ व श्योपुर जिले के वीरपुर में यात्री ट्रेन पहुंची तो लोग उत्साहित हो उठे। ब्रॉडगेज ट्रेन के दीदार करने दोनों स्टेशनों पर सैकड़ों लोग जुट गए।
एक ओर तो कैलारस से सबलगढ़-वीरपुर स्टेशनों के लिए यात्री ट्रेन के संचालन को हरी झंडी दिखाई गई, वहीं दूसरी ओर जौरा के पास एक यात्री ट्रेन को ग्रामीणों ने लाल झंडे दिखाकर रोक दिया। सैकड़ों ग्रामीण ट्रेन की पटरियों पर आ गए और हंगामा करने लगे। बताया गया है कि थरा गांव के ग्रामीण अपने गांव के पास रेलवे स्टेशन बनाने और ट्रेन का स्टॉपेज करने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले जब नैरोगेज ट्रेन चलती थी, तब थरा गांव में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों का स्टॉपेज था। ब्रॉडगेज लाइन में उसे खत्म कर दिया गया। ग्रामीणों के इस हंगामे के कारण करीब सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक ट्रेन को थरा गांव में रोके रखा गया। जीआरपी कर्मचारियों की समझाइश पर ग्रामीण माने। इस दौरान सरपंच के लेटरहेड पर एक ज्ञापन भी डीआरएम के नाम दिया गया। ट्रेन रोकने के कारण यात्री परेशान होते रहे। जौरा जाने वाले कई यात्री ट्रेन से उतरकर निजी वाहनों से या बसों में बैठकर जौरा पहुंचे।
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