
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 45 पर सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के समीप बीते 19 जुलाई को हुई सनसनीखेज वारदात का नरसिंहपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। शुरुआती दौर में जिसे तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से हुई सड़क दुर्घटना समझा जा रहा था, वह असल में पुरानी रंजिश के चलते रची गई हत्या की पूर्व नियोजित खौफनाक साजिश निकली।
पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य सूत्रधार सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 3 अन्य आरोपित फिलहाल फरार बताए गए हैं। मामले का आधिकारिक खुलासा पुलिस अधीक्षक डा. ऋषिकेश मीना ने पत्रकारवार्ता के दौरान किया।
उल्लेखनीय है कि तेज रफ्तार हाईवा डंपर ने सड़क किनारे खड़े लोगों को बेरहमी से कुचल दिया था। इस घटना में राजेंद्र पटेल, वीरेंद्र लोधी, रामपाल लोधी (तीनों निवासी पावला, थाना बेलखेड़ा, जिला जबलपुर) तथा जयपाल लोधी और नीरज लोधी (दोनों निवासी बरपटी, थाना बेलखेड़ा, जिला जबलपुर) की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था।
प्रथम दृष्टया मामला महज दुर्घटना प्रतीत हो रहा था। लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी व एएसपी संदीप भूरिया ने रात में ही खुद मौके पर पहुंचकर गहन जांच शुरू की। घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण के दौरान सड़क पर वाहन का टूटा हुआ एक अंग्रेजी अक्षर A (मोनोग्राम) मिला।
प्रारंभिक जांच में इसके टाटा कंपनी के वाहन का हिस्सा होने का संदेह हुआ। यही छोटा सा सुराग पूरी विवेचना का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद पुलिस टीमों ने शहपुरा (जबलपुर) से लेकर राजमार्ग के विभिन्न चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आखिरकार, घटना में प्रयुक्त हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों में छिपा हुआ बरामद हो गया।
जांच के दौरान संदेही राजा पटेल का आचरण संदिग्ध मिलने पर उसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिससे पूरी साजिश का भांडाफोड़ हुआ। मृतक राजेंद्र पटेल और मुख्य आरोपी आनंद पटेल (लोधी) के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी। आनंद ने राजेंद्र की लोकेशन देने का काम राजा पटेल, भरत पटेल और अरविंद पटेल को सौंपा था।
वारदात को अंजाम देने के लिए पूर्व नियोजित रणनीति के तहत भोपाल और जबलपुर दोनों लेन पर दो अलग-अलग हाईवा डंपर तैनात किए गए थे। 19 जुलाई को जैसे ही राजेंद्र की सटीक लोकेशन मिली, आनंद पटेल ने हाईवा से उसे और उसके साथियों को रौंद दिया।
साजिश का खुलासा होते ही पुलिस ने रातभर जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर आरोपियों को दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सूत्रधार व हाईवा चालक आनंद पटेल (लोधी), अनुज पटेल, भरत पटेल, अनिल पटेल (सभी निवासी सुन्द्रादेही, जिला जबलपुर), अरविंद पटेल (निवासी ग्राम बम्होरी, जिला दमोह), नरेंद्र ठाकुर (निवासी ग्राम धौराज, जिला दमोह), राजा पटेल और संजीवनी नगर, जबलपुर में अस्पताल संचालित करने वाले डा. अमित खरे शामिल हैं।
डॉ. अमित खरे ने इस घटना को एक्सीडेंट का रूप देने और साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया था। आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हाईवा डंपर, काले रंग की महिंद्रा थार, सफेद रंग की टोयोटा फॉर्च्यूनर और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। 3 फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसपी डा. ऋषिकेश मीना ने बताया कि मामले में विस्तृत पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के संकलन के लिए गिरफ्तार आरोपियों की पुलिस रिमांड (पीआर) ली जाएगी।
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आरोपितों की गिरफ्तारी में एसडीओपी, तेन्दूखेडा अभिनव मिश्रा, एसडीओपी नरसिंहपुर मनोज गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक उमेश तिवारी के नेतृत्व में निरीक्षक गौरव चाटे, निरीक्षक किशोर वामनकर, निरीक्षक प्रियंका केवट, उप निरीक्षक मनीष मरावी, उप निरीक्षक आशीष बोपचे, सहायक उप निरीक्षक सुमित तिवारी, प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेश वागरी, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र ठाकुर, प्रधान आरक्षक कुलदीप सोमकुंवर, प्रधान आरक्षक अशोक कुमार, आरक्षक पंकज राजपूत, आरक्षक संजय पांडे एवं आरक्षक अजय ठाकुर की भूमिका रही।