
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। जनपद मैदान कॉम्प्लेक्स के सामने जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मंच पर ही कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और गाली-गलौच शुरू हो गई, जिससे समारोह की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम में छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान लोधी समाज के नेता एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी लाखन सिंह पटेल का भाषण कुछ लंबा खिंच गया था। जिस पर कार्यक्रम प्रबंधन ने शीघ्र भाषण समाप्त करने का संकेत दिया तो दूसरा पक्ष नाराज हो गया। इसी बात को लेकर लाखन सिंह के दामाद कपिल सिंह ने आपत्ति जताई और कार्यक्रम प्रबंधन से बहस शुरू हो गई।

कुछ समय के लिए मामला शांत हुआ, लेकिन जैसे ही नकुलनाथ मंच से उतरे, विवाद फिर से भड़क उठा। फिर दोनों गुटों के बीच कहासुनी तेजी से गाली-गलौच में बदल गई। इस दौरान कपिल सिंह की बहस पूर्व विधायक सुनील जायसवाल से भी हो गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति पर काबू पाया।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल ने बताया कि वे कार्यक्रम स्थल से पहले ही रवाना हो चुकी थीं और रास्ते में उन्हें विवाद की जानकारी मिली। वहीं एएसपी संदीप भूरिया के अनुसार कार्यकर्ताओं के बीच आपसी छींटाकशी के कारण विवाद उत्पन्न हुआ, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया। फिलहाल किसी भी पक्ष द्वारा थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
घटना के बाद कार्यक्रम में हुए विवाद के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लोग इन्हें शेयर कर रहे हैं और घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भाजपा कार्यकर्ता भी इन वीडियो को पोस्ट कर कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी पर निशाना साध रहे हैं।

पूर्व सांसद नकुलनाथ ने अपने संबोधन में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि आज प्रदेश की स्थिति चिंताजनक है। किसान, नौजवान और महिलाओं सहित हर वर्ग परेशान नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश में महिला अत्याचार के मामले बढ़ते जा रहे हैं और बेरोजगारी भी चरम पर है। यह प्रदेश को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।
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मैं भाजपा सरकार से सवाल करना चाहता हूं कि किसानों से किए गए बड़े-बड़े वादों का क्या हुआ? किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है। माताओं-बहनों से विधानसभा चुनाव के दौरान हर महीने 3000 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन वर्तमान में केवल 1500 रुपए ही दिए जा रहे हैं, जो वादाखिलाफी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिसका तुरंत सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देना चाहिए।