
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। आपसी विवाद के बाद थाने ले जाए जा रहे एक युवक ने चलती कार में ड्राइवर की गर्दन दबोचकर स्टेयरिंग घुमा दिया, जिससे अनियंत्रित ऑल्टो कार पुलिया से सीधे नीचे नदी में जा समाई।
गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद साहसी ग्रामीणों ने त्वरित तत्परता दिखाते हुए पानी में डूबी कार से चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कार ड्राइवर पवन सेन ने बताया कि उनके घर पर बड़े पापा के लड़के संदीप सेन द्वारा उनके पिता गनेश सेन के साथ अचानक गाली-गलौज और विवाद किया जा रहा था।
मामले को सुलझाने और कानूनी कार्रवाई के लिए वे लोग संदीप को पकड़कर आल्टो कार से सुआतला थाना ले जा रहे थे। इस वाहन में ड्राइवर पवन सेन के अलावा उनके पिता गनेश सेन, छोटा भाई अब्बू सेन और विवाद करने वाला युवक संदीप सेन समेत चार लोग सवार थे।
पवन के मुताबिक, बम्हनी से थाने आने के दौरान रास्ते में संदीप लगातार हंगामा कर रहा था। थाने पहुंचने से पहले उसने अपनी जिद के चलते दो बार चलती कार का स्टेयरिंग जबरन घुमाने की कोशिश की ताकि वाहन रुक जाए। इसी दौरान जब कार एक नदी की छोटी पुलिया से गुजर रही थी।
संदीप ने अचानक हमला करते हुए ड्राइवर की गर्दन (गला) कसकर पकड़ ली और स्टेयरिंग अपनी तरफ मोड़ दिया। इससे ड्राइवर पवन का वाहन से पूरी तरह नियंत्रण छूट गया और देखते ही देखते ऑल्टो पुलिया से नीचे सीधे नदी के गहरे पानी में जा गिरी।
नदी में कार गिरने के बाद वाहन के भीतर फंसे चारों लोग करीब 10 से 15 मिनट तक पानी के अंदर ही मौत से जूझते रहे। हालात इतने भयावह थे कि अंदर बैठे लोगों की सांसें अटकने लगी थीं। यदि स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत नदी में छलांग न लगाई होती, तो बड़ा अनिष्ट हो सकता था।
सुआतला थाना प्रभारी कोमल सिंह बागरी ने बताया कि पवन सेन द्वारा थाने में आकर संदीप सेन के विरुद्ध मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन शुरुआती तौर पर थाने में ऐसी कोई लिखित जानकारी नहीं दी गई थी कि वाहन नदी में समा गया था।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। आरोपी संदीप को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है और पुलिस हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
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