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नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। जिला मुख्यालय की बाहरी सड़क पर अष्टांग चिकित्सालय के पास मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गन्ने से ओव्हरलोड ट्रेक्टर-ट्राली का टायर फटने से ट्रॉली सड़क किनारे खड़ी एक कार के ऊपर पलट गई। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि भीतर बैठा युवक संयोग और सूझबूझ के कारण बाल-बाल बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 10.30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इतवारा बाजार की ओर से आ रहा लाल रंग का ट्रेक्टर गन्ना लेकर शुगर मिल की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रेक्टर अष्टांग चिकित्सालय के पास पहुंचा, ट्रॉली का बाएं तरफ का टायर तेज धमाके के साथ फट गया। संतुलन बिगड़ते ही गन्ने से लदी भारी ट्रॉली सड़क किनारे खड़ी कार क्रमांक एमपी 49 सी 7172 के ऊपर जा गिरी।
हादसे के समय कार मालिक विजय सोनी का 19 वर्षीय पुत्र अभय सोनी कार की ड्राइवर सीट पर बैठकर गाना सुन रहा था। अचानक कार के ऊपर भारी वजन गिरने का अहसास होते ही वह सतर्क हो गया और तुरंत बगल वाली सीट पर खिसक गया। इसी दौरान कार का पूरा सिस्टम लॉक हो गया, जिससे दरवाजा नहीं खुल सका और युवक घबरा गया। बाहर मौजूद लोगों ने तत्काल समझदारी दिखाते हुए किसी भारी वस्तु से गेट का कांच तोड़ा और युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना के तुरंत बाद ट्रेक्टर चालक वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मार्ग सुचारू कराने के लिए नगर पालिका की जेसीबी मशीन बुलवाई, लेकिन ट्रॉली का वजन अत्यधिक होने के कारण वह उसे खड़ा नहीं कर सकी। समाचार लिखे जाने तक ट्रॉली हटाने के लिए वैकल्पिक प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस द्वारा ट्रेक्टर मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है। ट्रेक्टर पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण पहचान में परेशानी आ रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर ओव्हरलोड वाहनों और उनकी फिटनेस को लेकर प्रशासन एवं परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ट्रेक्टर-ट्रॉली की नियमित जांच होती और ओव्हरलोडिंग पर सख्ती बरती जाती, तो टायर फटने जैसी स्थिति से यह हादसा टाला जा सकता था। सवाल यह है कि क्या ऐसे भारी वाहनों की समय-समय पर फिटनेस जांच हो रही है या फिर सब कुछ कागजों तक ही सीमित है। प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए सख्त कदम उठाने की आवश्यक्ता है।