
नईदुनिया प्रतिनिधि, नरसिंहपुर। जिला मुख्यालय पर तहसील कार्यालय का ठिकाना बार-बार बदलने से दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों, किसानों और पक्षकारों की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते एक साल के भीतर तहसील दफ्तर को दूसरी बार शिफ्ट किया गया है, जिससे लोग लगातार भ्रमित हो रहे हैं।
कंदेली स्थित पुराना जर्जर भवन ध्वस्त होने के बाद तहसील कार्यालय को पॉलिटेक्निक कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया था। वहां न्यायालय और कलेक्ट्रेट से दूरी अधिक होने के कारण वकीलों और पक्षकारों को रोजाना आने-जाना काफी भारी पड़ रहा था।
वकीलों के कड़े विरोध और लगातार ज्ञापन सौंपने के बाद प्रशासन ने इसे वापस न्यायालय परिसर के पास स्थित पुराने एसपी ऑफिस भवन में स्थानांतरित कर दिया है।
अदालत व कलेक्ट्रेट के करीब दफ्तर आ जाने से लोगों को बड़ी राहत तो मिली है, लेकिन बार-बार की इस शिफ्टिंग से ग्रामीण अब भी पुराने पते के चक्कर काट रहे हैं। इस वजह से दूर-दराज से आने वाले लोगों को परिसर में पहुंचने के बाद भी दफ्तर ढूंढने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
जो लोग पहली बार यहां पहुंच रहे हैं, वे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों से रास्ता पूछने को मजबूर हैं। सूचना के अभाव में कई ग्रामीणों का काम समय पर नहीं हो पा रहा है और उन्हें बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ता है।
स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और अधिवक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वर्तमान दफ्तर के बाहर तुरंत स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाया जाए और नए पते की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को सही समय पर सही जगह की जानकारी मिल सके।
इसके साथ ही तहसील के लिए जल्द से जल्द एक स्थायी भवन की व्यवस्था बनाई जाए, जिससे आम जनता को रोज-रोज के भटकाव और मानसिक परेशानी से स्थायी मुक्ति मिल सके।
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