
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच : जिले के महू-नसीराबाद हाई-वे पर रेलवे क्रॉसिंग करीब 30 मिनट बंद रही, जिसके कारण एक एंबुलेंस अटकी रही और इलाज के अभाव में एक मासूम ने एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। हाई-वे पर रेलवे क्रॉसिंग की इस समस्या को लेकर इस घटनाक्रम के बाद से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
जिले के नयागांव व खोर में आदित्य बिड़ला समूह का अल्ट्राट्रैक सीमेंट प्लांट है, इस प्लांट को विक्रम सीमेंट प्लांट के नाम से पहचाना जाता है। प्लांट से सीमेंट के लदान के लिए रेलवे लाइन डली हुई है। यह रेलवे लाइन जिले के महू-नसीराबाद हाई-वे को नयागांव में बीच से निकलती है।
हाई-वे पर नयागांव में रेलवे क्रॉसिंग है जो प्लांट में ट्रेनों की आवाजाही के कारण हर दिन लगभग 5 से 6 बार बंद रहती है। मंगलवार दोपहर को रेलवे क्रॉसिंग लगभग 30 मिनट बंद रही, जिसके कारण नीमच से उदयपुर की ओर जा रही एक एंबुलेंस अटकी रही, जिसमें इलाज के अभाव में स्कीम नंबर 9 नीमच के सांवरिया पुत्र सूरज सुराह आयु 14 वर्ष की मौत हो गई।
प्रारंभिक रूप से सामने आया था कि सांवरिया को बुखार और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे उदयपुर रेफर किया गया लेकिन रेलवे क्रॉसिंग पर एंबुलेंस अटकने से एंबुलेंस में ही उसकी मौत हो गई।
इस घटना से स्वजनों और जिले के नागरिकों में प्रबंधन और शासन के जिम्मेदारों के प्रति रोष है। इस संबंध में विक्रम सीमेंट प्लांट के जनसंपर्क अधिकारी नीलेश शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने उच्च प्रबंधन से चर्चा के बाद ही कुछ कहने की जानकारी दी।
मप्र राज्य विधानसभा की लोक लेखा समिति पिछले 10 वर्षों में दो बार क्षेत्र का दौरा कर चुकी है। पहली बार समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह कालूखेड़ा थे और दूसरी बार मंदसौर के तत्कालीन विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया। दोनों बार समिति ने हाई-वे पर रेलवे क्रासिंग के स्थान पर ओवरब्रिज बनाने की अनुशंसा की लेकिन आज तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी। समिति की अनुशंसा भी अनसुनी का शिकार हाे गई।
विक्रम सीमेंट संयंत्र प्रबंधन के आगे जिले का प्रशासन पूर्व से नत मस्तक दिखाई देता है। श्रमिकों के आंदोलन, विरोध प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर प्रशासन प्रबंधन के पक्ष में खड़ा दिखाई देता है। मंगलवार को एंबुलेंस में बालक की मौत के मामले में भी जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से दो बार मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उनका मोबाइल नो रिप्लाई रहा।
हाई-वे पर रेलवे क्रासिंग और इसके कारण वाहन चालकों सहित अन्य लोगों की परेशानी का मुद्दा नईदुनिया ने कई बार प्रमुखता से उठाया। एंबुलेंस फंसने और मरीजों की जान पर बन आने को प्रमुखkत से रखा। इन समस्याओं को जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने का प्रयास किया है लेकिन बात आश्वासन से आगे नहीं बढ़ सकी।
महू-नसीराबाद हाई-वे पर नयागांव में रेलवे क्रॉसिंग है, यह रेलवे लाइन और क्रॉसिंग सिर्फ एक उद्योग के लिए हैं। मैं हाई-वे पर रेलवे क्रॉसिंग के स्थान पर ओवरब्रिज बनाने के संबंध में कई बार मांग कर चुका हूं, पत्र लिख चुका हूं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला प्रशासन उद्योग समूह के आगे नत मस्तक है। इस मामले को दोबारा मैं उचित फोरम पर उठाऊंगा। - ओमप्रकाश सकलेचा, पूर्व मंत्री और विधायक जावद