
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच। मनासा में बुधवार को गिलियन बार्रे सिंड्रोम (जीबीएस) का एक और मरीज सामने आया है। इसके साथ ही कस्बे में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इनमें से नौ स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि नौ की सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। जीबीएस से अब तक दो मौतें भी सामने आई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने मनासा में सिर्फ छह मरीजों में ही जीबीएस की पुष्टि की है, बाकी को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है।
मनासा में 12 जनवरी से अब तक 20 संक्रमित मिल चुके हैं। नौ मरीजों का इलाज अभी भी अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, नीमच और मनासा के अस्पतालों में चल रहा है। जयपुर में भर्ती धैर्य शर्मा वेंटिलेटर पर हैं, वहीं इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती राम उर्फ आराध्य काबरा को प्लाज्मा थैरेपी दी जा रही है। युविका ग्वाला भी यहां आइसीयू में हैं। बीएमओ डॉ. उमेश बसेर समन्वय का काम कर रहे हैं।
जीबीएस संक्रमित मिलने के बाद से पानी की शुद्धता पर सवाल उठ रहे थे। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद मनासा ने इस मामले को गंभीरता से लिया और जलापूर्ति के दौरान पानी की शुद्धता की जांच कराई। कई स्तर की जांच में जलापूर्ति के दौरान दिए जाने वाले पानी की शुद्धता की पुष्टि हुई है। प्रशासन का कहना है कि संक्रमण के अन्य संभावित कारणों की भी तलाश की जा रही है।
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