बिजली कटौती को लेकर किसानों का फूटा गुस्सा, नीमच में जावद ग्रिड घेरा; साढ़े तीन घंटे तक लगाया जाम
ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और सीमित समय तक विद्युत आपूर्ति से परेशान किसानों का आक्रोश सामने आ गया। सोमवार सुबह किसानों ने जावद स्थित बि...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 12:41:29 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 12:41:29 PM (IST)
किसानों ने ग्रिड का घेराव कर लगाया जाम। -नईदुनियाHighLights
- रात में एक और दिन में दो घंटे बिजली मिलने का आरोप
- नीमच रोड पर वाहनों की लगीं लंबी कतारें
- दो दिन में समस्या सुलझाने का लिखित आश्वासन मिलने पर माने किसान
नईदुनिया न्यूज, जावद (नीमच) : ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और सीमित समय तक विद्युत आपूर्ति से परेशान किसानों का आक्रोश सामने आ गया। सोमवार सुबह किसानों ने जावद स्थित बिजली ग्रिड का घेराव कर नीमच-जावद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
सुबह 7 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन करीब 10.30 बजे तक चला। तीन घंटे से अधिक समय तक चले चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। मौके पर विद्युत विभाग के अधिकारियों, एसडीओपी और तहसीलदार ने पहुंचकर किसानों से चर्चा की।
विभाग की ओर से दो दिन में समस्या के निराकरण का लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने जाम खोल दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
10 घंटे में से दो घंटे ही मिल रही बिजली
किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का कोई भरोसा नहीं रह गया है। रात और दिन में बार-बार बिजली बंद होने से सिंचाई के काम प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के अनुसार, कई बार रात 12 बजे से बिजली बंद हो जाती है और सुबह तक आपूर्ति बहाल नहीं होती। उनका आरोप है कि करीब 10 घंटे की अवधि में मुश्किल से दो घंटे बिजली मिल रही है। कुछ किसानों ने बताया कि रात में लगभग एक घंटे और दिन में दो घंटे बिजली मिलने से खेती संबंधी काम पूरे करना मुश्किल हो रहा है।
सेगवा, बरखेड़ा कमलिया सहित कई गांवों के किसान पहुंचे
जावद ग्रिड से जुड़े सेगवा, बरखेड़ा कमलिया, मोरका, सुवाखेड़ा, महेशपुरिया, बाव और कुंडला सहित आसपास के गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल हुए। किसान सुनील धाकड़, योगेश अहीर, बरखेड़ा के नरेश पाटीदार, हरिशंकर धाकड़ और लोकेश जाड़ोतिया ने बताया कि लगातार बिजली कटौती के कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में नियमित बिजली मिलना जरूरी है। बार-बार आपूर्ति बाधित होने से सिंचाई की योजना प्रभावित होती है और किसानों को रात में भी खेतों पर इंतजार करना पड़ता है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे, लिखित आश्वासन पर खुला जाम
चक्काजाम की सूचना पर विद्युत विभाग के मुख्य कार्यपालन यंत्री कल्याणसिंह चौहान, एसडीओपी हर्ष राठौर, तहसीलदार बीके मकवाना और नवीन छलोत्रे सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। विद्युत विभाग की ओर से दो दिन में समस्या का निराकरण करने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर मार्ग से जाम हटाया।
समस्या नहीं सुलझी तो आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने कहा कि बिजली आपूर्ति में अनियमितता के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। विभाग ने दो दिन में समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया है। यदि तय समय में व्यवस्था नहीं सुधरी तो किसान फिर एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
बैंक कर्मी व शिक्षक सहित विद्यार्थी हुए परेशान
चक्का जाम में ट्रेनिंक पर जा रहे शासकीय कर्मचारी, स्कूली छात्र देरी से पंहुचे। बैंक कर्मचारी नवाज अली छीपा ने बताया कि मुझे बैंक ड्यूटी पर जाना है 10 बजे पंहुचना है में जाम में फंसा हुआ हु। आयुष पांडे ने बताया कि मुझे मनासा जाना है। मेरी निजी विद्यालय में नौकरी है ओर मुझे 9 बजे पंहुचना रहता है, में आज डेढ़ घंटे देरी से पंहुच पाऊंगा।
दो से तीन दिन में समस्या हल करने का प्रयास
दो से तीन दिनों में समस्या हल करने का प्रयास किया जाएगा। बिजली बंद और चालू करने के निर्देश उच्च स्तर से आते हैं। किसानों की मांग को लेकर उच्चाधिकारियों से चर्चा की जाएगी। -कल्याणसिंह चौहान, मुख्य कार्यपालन यंत्री