
नईदुनिया प्रतिनिधि, नीमच : केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक गैर-कानूनी गोदाम का भंडाफोड़ किया है। जहां से 3.93 लाख साइकोट्रोपिक कैप्सूल और टैबलेट, 19.255 किलोग्राम संदिग्ध ट्रामाडोल और सीबीसीएस सिरप की 305 बोतलें जब्त की है।
सीबीएन के अधिकारियों ने बताया कि 30-31 अगस्त को मेरठ उत्तर प्रदेश में एक गैर-पंजीकृत गोदाम की तलाशी ली गई यह कार्रवाई पंजाब के सिसवान से 27-28 अगस्त को जब्त की गई 66,79,980 साइकोट्रोपिक टैबलेट/कैप्सूल की खेप के सिलसिले में की गई थी।
इस कार्रवाई के दौरान तीन लाख 93 हजार 289 साइकोट्रोपिक कैप्सूल और टैबलेट, 19.255 किलोग्राम संदिग्ध ट्रामाडोल टैबलेट और सीबीसीएस सिरप की 305 बोतलें ज़ब्त की गईं। यह गोदाम उस खेप का कथित स्रोत/उत्पत्ति स्थल निकला है, जिसमें 66,79,980 साइकोट्रोपिक टैबलेट/कैप्सूल शामिल थे, जिन्हें पहले 27-28 अगस्त को सिसवान एसएएस नगर पंजाब से जब्त किया गया था।
ऑपरेशन व्रज 2.0 के दौरान जांच के क्रम में आरोपित ने मेरठ उत्तर प्रदेश स्थित एक गोदाम का पता बताया, जहां से पहले जब्त की गई 66,79,980 टैबलेट/कैप्सूल की खेप वाले कार्टन कथित तौर पर ट्रक में लोड किए गए थे। आरोपित द्वारा किए गए खुलासे और पहचान के आधार पर सीबीएन अधिकारियों की एक टीम ने 30-31 अगस्त के दौरान उक्त गोदाम में तलाशी अभियान चलाया।
उल्लेखनीय है कि साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध डायवर्जन और तस्करी में शामिल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के पिछले चैनलों की पहचान करने और उन्हें खत्म करने, तथा आगे के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच चल रही है। जांच में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, संस्थाओं और जगहों की पहचान करने और इसमें शामिल सभी लोगों को सज़ा दिलाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें- इंदौर में पैर पसारता एमडी ड्रग्स का कारोबार, अब तक 81 तस्कर पकड़े, राजस्थान के तीन जिलों तक फैले तार