
नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना/ककरहटी। सकरिया से ककरहटी गुनौर होते हुए डिघोरा को जोड़ने वाली करीब 68 करोड़ की सड़क परियोजना को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सड़क क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क जगह-जगह धंसने लगी और अब कई हिस्से भारी-भरकम गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं।
उक्त सड़क के चौड़ीकरण का टेंडर वर्ष 2024 में रविशंकर जायसवाल कंपनी के नाम स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया था। जनवरी 2026 तक सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, लेकिन सड़क की मौजूदा हालत ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क में आई खामियों को छिपाने के लिए मेंटेनेंस के नाम पर पैचवर्क कराया गया, लेकिन बारिश शुरू होते ही महज कुछ महीनों में सड़क फिर जगह-जगह धंस गई। वर्तमान में मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं और हादसे का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
सड़क के साथ बनाए गए नवनिर्मित पुलों की एप्रोच की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता का विषय है। कई स्थानों पर पुल के दोनों किनारों की मिट्टी एवं सड़क धंस गईं है। और नाले में दोबारा तेज बाढ़ आती है तो पुलों की एप्रोच और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है। भारी वाहनों के पुल से गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
सड़क चौड़ीकरण के दौरान निर्धारित चौड़ाई एवं अन्य तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल हैं। वहीं ककरहटी और गुनौर नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले पेवर ब्लॉक का काम भी कई जगह अधूरा दिखाई देता है। कई स्थानों पर सड़क की केवल एक ओर पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर काम नहीं हुआ। जहां पेवर ब्लॉक लगाए भी गए हैं, वहां भी पेवर ब्लॉक टूटकर बिखर गए हैं।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता एवं जांच का मुद्दा उनके द्वारा तीन बार विधानसभा में उठाया जा चुका है और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग भी की है।
अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि सड़क एवं पुलों के निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्धारित मानकों की जांच हो तथा यदि गुणवत्ता में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
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सकरिया ककरहटी गुनौर से डिघोरा को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क से हजारों लोगों का आवागमन जुड़ा है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का कुछ ही समय में खराब होना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
PWD एसडीओ संजय खरे से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने उक्त सड़क के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की बात करने के लिए मना कर दिया।