नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए राज्य के चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
मीडिया से बात करते हुए सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए बेहतर मौके बनाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री की कल की घोषणा के बाद आज एमपी में ऐलान
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर राज्य के फैसले के बारे में बताते हुए मोहन यादव ने कहा, प्रधानमंत्री की कल की फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बाद हमारे राज्य ने उनके आदेश को लागू करते हुए आज चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है, ताकि सभी तरह के मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा सके।
युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे
मोहन यादव ने कहा, हम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने जा रहे हैं। जहां हम युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे। युवाओं के लिए हमारी सरकार जितना काम कर रही है, उतना कोई और नहीं कर रहा है। हम सभी चाहते हैं कि युवाओं को रोजगार के मौके मिलें।
मुख्यमंत्री ने राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों और अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।
दो साल में यहां 52 मेडिकल कॉलेज बन जाएंगे
राज्य की स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं के बारे में बात करते हुए सीएम यादव ने कहा, मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जब हम सत्ता में आए थे, तब पांच मेडिकल कॉलेज थे। आज 34 मेडिकल कॉलेज हैं और दो साल में यहां 52 मेडिकल कॉलेज बन जाएंगे। आज 5,500 अंडर ग्रेजुएट (UG) मेडिकल सीटें हैं और लगभग 10,000 और सीटें होंगी। यह हमारा संकल्प है। हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पन्ना में मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है
मुख्यमंत्री ने पन्ना में शुरू किए गए विकास कार्यों, जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स के बारे में भी बात की और कहा कि मेडिकल कॉलेज का काम तुरंत शुरू होना चाहिए। पन्ना में मेडिकल कॉलेज भी बन रहा है। पन्ना के अपने दौरे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाखों लाभार्थियों तक पहुंचाया है।
210 करोड़ रुपये की इस राशि के लिए राज्य के लोगों को बधाई
कल्याणकारी योजनाओं के तहत पैसे बांटने की जानकारी देते हुए यादव ने कहा, आज मैं पन्ना गया था। यहां 35 लाख से अधिक लोगों को अलग-अलग सामाजिक कल्याण योजनाओं का फायदा पहुंचाया गया। हमने दिव्यांग भाई-बहनों के खातों में पेंशन और बुज़ुर्गों की पेंशन समेत अलग-अलग रकम जमा की। 210 करोड़ रुपये की इस राशि के लिए राज्य के लोगों को बधाई।
प्रधानमंत्री मोदी के गुरुवार को जारी किया था वीडियो
मोहन यादव की ये बातें प्रधानमंत्री मोदी के गुरुवार को दिए गए उस बयान के बाद आईं जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी और घोषणा की थी कि केंद्रीय कैबिनेट एक ड्राफ्ट बिल पर विचार करेगी जिसमें दोषियों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा का प्रस्ताव है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो में मोदी ने कहा, मैंने विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा, हमारे युवाओं के कल्याण और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ भी नहीं है। जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्ष प्रधान के इस्तीफे और संसद में NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले पर विस्तार से चर्चा की मांग कर रहा है।
CJP भी प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी
वहीं, CJP ने कहा है कि जंतर-मंतर पर उसका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET परीक्षा के मुद्दे और सिस्टम में सुधार के बारे में केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी।