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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP News: जीवन मृत्यु से जूझ रहा गंभीर कुपोषण का शिकार मनीष आदिवासी, शरीर में एक ग्राम बचा हे हीमोग्लोबिन

गुरुवार 23 में को मनोर के नऐपूरा के डेढ़ वर्षीय मनीष आदिवासी को पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया जिसकी स्थिति गंभीर है। प...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Fri, 24 May 2024 12:24:43 AM (IST)Updated Date: Fri, 24 May 2024 06:41:48 AM (IST)
MP News:  जीवन मृत्यु से जूझ रहा  गंभीर कुपोषण का शिकार मनीष आदिवासी, शरीर में एक ग्राम बचा हे हीमोग्लोबिन

पन्ना, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले में कुपोषण कोई नई बात नहीं है, लेकिन जिला मुख्यालय के नजदीक गंभीर कुपोषण चिंता का विषय आवश्यक है। क्योंकि महिला बाल विकास द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य की तमाम योजनाएं चलाई जाती हैं, फिर भी पन्ना शहर के नजदीक भी लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।

गुरुवार 23 में को मनोर के नऐपूरा के डेढ़ वर्षीय मनीष आदिवासी को पोषण पुनर्वास केंद्र पन्ना में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया जिसकी स्थिति गंभीर है। पोषण पुनर्वास केंद्र के कर्मचारियों ने तत्काल इलाज की व्यवस्था की। पोषक प्रशिक्षक रश्मि त्रिपाठी ने तत्काल इलाज और जांच की व्यवस्था कराई, रक्त जांच में पता चलाकि कुपोषित मनीष आदिवासी के शरीर में मात्र एक ग्राम हीमोग्लोबिन बचा है। जिसके चलते तुरंत रक्त की व्यवस्था कराई और अधिकारियों और डॉक्टरो को जानकारी दी


डेढ़ वर्ष का है मनीष

रश्मि त्रिपाठी ने बताया कि डेढ़ वर्षीय मनीष आदिवासी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण पुनर्वास केंद्र लेकर आई थी साथ में उसकी मां जयंती आदिवासी है और पिता अल्लू गोड़ मजदूरी करने दिल्ली गया हुआ है। सिविल सर्जन डॉ आलोक गुप्ता का कहना है कि अस्पताल कि जो व्यवस्थाएं हैं नियमानुसार प्रदान की जा रही हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र में खाना और इलाज की व्यवस्था की गई है। हमारा प्रयास है शीघ्र मनीष आदिवासी स्वस्थ हो। जिला अस्पताल के डॉ प्रदीप गुप्ता इस बालक का इलाज कर रहे हैं