
नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर क्षेत्र में गड़ा धन तलाशने गए चार लोगों को वन विभाग ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपियों के पास से खजाना खोजने वाली मशीन मेटल डिटेक्टर और जीपीएस उपकरण बरामद किया गया है। घटना से रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 को पन्ना टाइगर रिजर्व के चंद्रनगर परिक्षेत्र की राजगढ़ बीट में गश्ती दल को सूचना मिली थी कि कुछ लोग कोर एरिया में अवैध रूप से प्रवेश कर संदिग्ध गतिविधि कर रहे हैं। सूचना पर वन अमले ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों लोगों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कोर क्षेत्र में गड़ा हुआ पुराना धन और कीमती धातुओं की तलाश में आए थे। इसके लिए वे अपने साथ मेटल डिटेक्टर मशीन और लोकेशन ट्रैक करने के लिए जीपीएस डिवाइस लेकर आए थे। वन विभाग ने मौके से दोनों उपकरण जब्त कर लिए हैं।
विभाग ने चारों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण (पीओआर) दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहारी पटेल (35) निवासी टपरियन राजनगर छतरपुर, चंद्रिका प्रसाद तिवारी (42) निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी पन्ना, छोटेलाल राजपूत (46) निवासी तिंदवारा बांदा उत्तर प्रदेश और ओम नरेंद्र कोरी (26) निवासी मुरारपुर नरैनी बांदा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।
वन विभाग ने चारों आरोपियों को 6 अक्टूबर को राजनगर न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि आरोपियों को कोर क्षेत्र में गड़े धन होने की जानकारी कहां से मिली और क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
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