
नईदुनिया प्रतिनिधि, पन्ना। चीन के शंघाई में 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले युवाओं से शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास में मुलाकात की। इस दल में मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पुरैना गांव के रहने वाले अजय अहिरवार भी शामिल रहे। पीएम मोदी ने सभी से औपचारिक चर्चा की।
अजय से संवाद करते हुए पीएम ने कहा कि अरे वाह! मध्य प्रदेश से आप अकेले हैं। अब तक ओडिशा और दक्षिण के राज्यों से ही ज्यादा प्रतिभागी सामने आए हैं। आप लोगों ने देश का नाम रोशन किया है। अब दूसरे बच्चों को भी कौशल विकास के लिए प्रेरित करें।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से पूछा कि उनमें से कौन पहली बार विदेश गया, हवाई यात्रा की। ज्यादातर युवाओं ने हाथ उठाया तो मोदी ने कहा कि ये नए भारत की तस्वीर है। देश के छोटे से गांव का युवक भी बड़े सपने देख सकता है।
पन्ना जिले के पुरैना निवासी अजय अहिरवार (21) के पिता अवध लाल अहिरवार किसान हैं। अजय पन्ना के यदुपति सिंघानिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी से मेसन ट्रेड में आईटीआई कर रहे हैं। यहां से उन्हें कानपुर के कमलानगर स्थित यदुपति सिंघानिया वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन में छह माह के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। यहां उन्होंने प्रशिक्षक मनोज कुलश्रेष्ठ के मार्गदर्शन में तैयारी की।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य तकनीक में सटीकता, काम में निरंतरता और समय के दबाव में भी बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता विकसित करना था। अजय अहिरवार ने ब्रिकलेइंग प्रतियोगिता में रीजनल, स्टेट और नेशनल में पहला स्थान प्राप्त किया। इसी कारण उन्हें 22 सितंबर से चीन के शंघाई में आयोजित विश्व कौशल प्रतियोगिता में अवसर मिला।
ब्रिकलेइंग केवल ईंटें जोड़ने का काम नहीं है, बल्कि इसमें तकनीकी ड्राइंग के अनुसार सटीक माप, सही संरेखण और आकर्षक संरचना तैयार करना होता है। अजय ने बताया कि शंघाई में उन्हें 22 घंटे में तीन मॉडल दिए गए। इस प्रतियोगिता में उन्हें 23 युवाओं में से 19वां नंबर प्राप्त हुआ। यह उनके लिए अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों को समझने और दुनिया के अन्य कुशल प्रतिभागियों के साथ अपनी क्षमता परखने का अवसर रहा।
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