नईदुनिया न्यूज, अजयगढ़। उत्तर वनमंडल अंतर्गत अजयगढ़ रेंज के माझपटिया बीट के कक्ष क्रमांक 213 में वन भूमि में अतिक्रमण हटाने गई टीम और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प में कई लोगों के घायल होने का मामला सामने आया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उस समय भारी हड़कंप मच गया जब वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम पर ग्रामीणों ने विरोध कर दिया।
कब्जा छुड़ाने के दौरान वन अमले और ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प और लाठी-डंडों से मारपीट हो गई। इस खूनी संघर्ष में महिलाओं समेत दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया है।
लंबे समय से था कब्जा, पौधरोपण के दौरान भड़की हिंसा
बताया जा रहा है कि, ग्राम पेराहा स्थित 30 हेक्टेयर वन भूमि पर पटेल समाज के लोग वर्षों से खेती कर रहे थे। पूर्व में कई प्रयासों के बावजूद विवाद के कारण कब्जा नहीं हटाया जा सका था। इस बार छतरपुर और पन्ना रेंज के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई की गई।
भूमि को दोबारा अवैध कब्जे से बचाने के लिए वन विभाग आनन-फानन में दैनिक मजदूरों को लगाकर पौधरोपण करा रहा था, तभी ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते माहौल हिंसक हो गया।
ग्रामीणों और वनकर्मियों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों के हमले में देवेंद्रनगर के वन रक्षक बसंत लाला वर्मा और दक्षिण वन मंडल पवई रेंज की वनपाल भारती कुमारी सहित लगभग 6 वन कर्मी घायल हुए हैं। फिलहाल पुलिस व प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण करणी का प्रयास कर रही है कुछ घायलों को अजयगढ़ तो कुछ घायलों को पन्ना जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के द्वारा दोनों पक्षों के बयान के आधार पर रिपोर्ट भी दर्ज की जा रही है।
उत्तर वन मंडल पन्ना कार्यालय ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि अजयगढ़ वन परिक्षेत्र की बीट मझपतिया (कक्ष क्रमांक पी-213) में 30 हेक्टेयर के रोपण स्थल पर ग्राम पैरहा के कुछ लोग पूर्वजों की राजस्व भूमि का निराधार दावा कर शासकीय पौधारोपण कार्य में लगातार व्यवधान डाल रहे थे।
वन एवं राजस्व विभाग के संयुक्त सीमांकन में उक्त भूमि स्पष्ट रूप से वन खंड की ही प्रमाणित हुई। पूर्व में 22,000 पौधे लगाए जा चुके थे तथा शेष 8,000 पौधों के रोपण हेतु आज 18 अक्टूबर 2026 को जब वन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम क्षतिग्रस्त फेंसिंग की मरम्मत कराने पहुंची, तो पैरहा गांव के असामाजिक तत्वों ने लाठी, डंडे, हंसिया और पेट्रोल से टीम पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस हमले में एक वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ तथा कुल 6 वनकर्मियों को चोटें आईं। संयुक्त टीम ने स्थिति पर नियंत्रण पाकर हमलावरों को हिरासत में लिया और शेष 8,000 पौधों का रोपण कार्य पूरा करवाया। शासकीय कार्य में बाधा और हमले के आरोप में आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
14 पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
अजयगढ थाना प्रभारी हरिसिंह ठाकुर ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारियों की शिकायत पर अजयगढ थाने में जगन्नाथ पटेल, बृजेश पटेल, रोहित पटेल, भैया जी पटेल, राकेश पटेल, जयकरण पटेल, राजकरण पटेल, दयाराम पटेल, शिवकुमार पटेल, विनोद पटेल, द्वारका पटेल, मनीषा पटेल, शिवरतिया पटेल और आरती पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 118(1), 351(3), 132, 121(1), 190, 191(2) और 191(3) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
अस्पताल में भर्ती पीड़ित विनोद पटेल ने बताया कि बिना किसी पूर्व नोटिस के पुलिस और वन विभाग ने सुबह-सुबह जबरन कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध करने पर लाठी-डंडों, लात-घूसों से महिलाओं और ग्रामीणों की बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट में सोना पटेल (22), विनोद पटेल (32), दिनेश पटेल (30), राधा पटेल (20) और रजनीश पटेल (22) सहित कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।