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Raisen News नवदुनिया न्यूज, बेगमगंज। बजट नहीं होने के कारण अतिथि शिक्षकों को पिछले 4 माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण वह भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। ऐसे में अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए कई अतिथि शिक्षक मजदूरी कर रहे हैं।
तहसील के 369 अतिथि शिक्षक अपनी-अपनी शालाओं में मशक्कत के साथ विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, लेकिन उन्हें पिछले 4 माह से मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अनेक अतिथि शिक्षक ईट-भट्टों पर एवं बीड़ी मजदूरी करने के लिए मजबूर हो गए हैं, जबकि कुछ अतिथि शिक्षक ग्राम पंचायत में मजदूरी से विभिन्न कार्य कर रहे हैं।

बार-बार अतिथि शिक्षकों द्वारा मानदेय दिए जाने की शिक्षा विभाग के लापरवाह जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद भी उन्हें अब तक मानदेय नहीं मिला है। जिम्मेदार अधिकारियों की बेरुखी के कारण व्यवस्था के प्रति उनमें आक्रोश पनप रहा है। प्रत्यक्ष रूप से देखा गया है कि ग्राम कीरतपुर में अतिथि शिक्षक कमलेश पंथी बीड़ी बनाकर अपने परिवार की गुजर बसर कर रहे हैं तो वहीं ग्राम तुलसीपार में अतिथि शिक्षक भवानी कुशवाहा ईट-भट्टे पर मजदूरी कर रहे हैं।
जो अतिथि शिक्षक पारिवारिक पृष्ठभूमि में आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कत नहीं है, लेकिन जो केवल मानदेय पर आश्रित है उन्हें जरूर सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। शिक्षा के कार्य के बाद अन्य कार्य करके अपने परिवार की गुजर-बसर करने के लिए केवल मानदेय पर आश्रित शिक्षकों को सबसे ज्यादा मशक्कत अपने परिवार को संभालने में हो रही है। पुनः मांग करते हुए अतिथि शिक्षकों ने सरकार से शीघ्र ही मानदेय दिलाने की गुहार लगाई है।
इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि बजट नहीं आने के कारण अतिथि शिक्षकों को मानदेय का वितरण नहीं किया गया है। बजट आते ही मानदेय दे दिया जाएगा।