रायसेन: 10 महीने में तीसरे बाघ की मौत; रातापानी के दाहोद रेंज में मिला शव, तार के करंट से शिकार की आशंका
दिसंबर 2025 से अब तक रातापानी बाघ अभयारण्य में तीन बाघों की असमय मौत की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें एक की ट्रेन से कटकर और एक की घायल अवस्था में मौत हु...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 09:39:32 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 09:39:32 PM (IST)
बाघ की मौत के बाद वन अमले ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वीडियोग्रेब।HighLights
- रातापानी अभयारण्य में सात वर्षीय बाघ की मौत
- रायसेन की दाहोद रेंज से लगे खेत में बाघ का शव मिला
- जीआई तार में करंट फैलाए जाने की बात सामने आई है
नईदुनिया प्रतिनिधी, रायसेन। वन्यप्राणी सुरक्षा सप्ताह के शोर में टाइगर स्टेट में एक और बाघ की अप्राकृतिक मौत हो गई। करीब सात वर्षीय बाघ का शव रातापानी बाघ अभयारण्य के दाहोद रेंज से लगे एक खेत में मिला है। आशंका है कि उसकी मौत बिजली का झटका लगने से हुई है। वन विभाग मामले की जांच कर रहा है।
पोस्टमार्टम से पता चलेगा मौत का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार खेत में बाघ का शव पड़ा होने की जानकारी सोमवार सुबह हुई। डर के मारे किसी ने इसकी सूचना आगे नहीं बढ़ाई। दोपहर बाद नूरगंज पुलिस को इसकी जानकारी मिली, उसके बाद वन विभाग को सूचना भेजी गई।
आनन फानन में वन अधिकारी और स्थानीय पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे। बाघ के शव को ओबेदुल्लागंज ले जाया गया है, जहां मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम होगा।
बताया जा रहा है की जीआई तार में फैले करंट से बाघ की मौत हुई है। जिस खेत मे शव मिला है उसमें धान की फसल लगी हुई है। यह जमीन जगदीश मालवीय नाम के किसान ने एक वर्ष के लिए किराए पर ली है।
7 साल का था बाघ
ग्रामीणो का कहना है कि खेत से लगे पठार पर पिछले तीन माह से बाघ, बाघिन और उसके शावकों का आना-जाना लगा हुआ था। यह बात वन विभाग को भी पता थी। डीएफओ हेमंत रैकवार ने बताया की मरने वाले बाघ की उम्र छह- सात वर्ष की थी।
मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। रातापानी बाघ अभयारण्य के एसडीओ राजकुमार शिवहरे ने कहा कि चर्चाएं तो कई प्रकार की फैल रही है लेकिन हमें भी इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी नही है।
10 महीने में तीसरा बाघ मारा गया
करीब 10 महीने पहले 7 दिसम्बर 2025 को अभयारण्य के विनेका रेंज से एक बाघ को बुरी तरह से घायल हालत में पाया गया था। उपचार के लिए वन विहार भेजते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसके तीन दिन बाद 10 दिसम्बर को बरखेड़ा के मिडघाट सेक्शन पर एक बाघ की ट्रेन से कटकर मौत हो गई।
यानी दस महीने में रातापानी बाघ अभयारण्य के तीन बाघ असमय मारे जा चुके हैं।