
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन। रायसेन जिले में जिला पंचायत उपचुनाव वार्ड क्रमांक-3 के अंतर्गत आने वाले ग्राम मऊ पथरई में सड़क निर्माण की उपेक्षा से आक्रोशित ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। वर्षों पुरानी बदहाल सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए चुनाव प्रक्रिया में भाग न लेने का निर्णय लिया और मतदान केंद्रों से दूरी बना ली।
गांव में मतदान प्रक्रिया शुरू होते ही सुबह ग्रामीणों ने "सड़क नहीं तो वोट नहीं..." के नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने मतदान केंद्र क्रमांक 144 और 145 का पूर्णतः बहिष्कार कर दिया, जिसके चलते शुरुआत में पोलिंग बूथों पर सन्नाटा पसरा रहा और केवल गिनती के वोट ही डाले जा सके।
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि वे कई वर्षों से जर्जर सड़क और आवागमन की गंभीर समस्या को लेकर लगातार शिकायतें और आवेदन दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा उनकी समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। इसी उपेक्षा से तंग आकर उन्हें चुनाव बहिष्कार का यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ग्राम मऊ पथरई में चुनाव बहिष्कार और मतदान रुकने की सूचना जैसे ही जिला निर्वाचन टीम को मिली, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन अधिकारी एडीएम मनोज उपाध्याय और एसडीएम मनीष शर्मा तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि चुनाव प्रक्रिया संपन्न होते ही उनकी सड़क संबंधी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण कराया जाएगा। एडीएम और एसडीएम द्वारा दिए गए इस ठोस आश्वासन व काफी समझाइश के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। इसके पश्चात ग्रामीणों ने अपना विरोध वापस लिया और पोलिंग बूथों पर पहुंचकर दोबारा मतदान प्रक्रिया शुरू कराई।