
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायसेन। शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र रायसेन जिले में गेहूं खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सांची, गैरतगंज, बेगमगंज समेत कई खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्थाओं और अधिकारियों की मनमानी से किसान परेशान हैं।
कहीं तुलाई में देरी हो रही है तो कहीं बारदाने और तौल कांटों की कमी के कारण किसान दिनों तक इंतजार करने को मजबूर हैं।
किसानों का आरोप है कि किसानों के हित की बात करने वाले जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को उनकी परेशानियों से कोई फर्क नहीं पड़ रहा।
शुक्रवार को गैरतगंज के श्रीनाथ वेयरहाउस पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उपज की तुलाई में देरी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से नाराज किसानों ने दोपहर करीब 3 बजे सिलवानी मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
किसानों का आरोप है कि वेयरहाउस संचालक किसानों की उपज की बजाय निजी व्यापारिक स्टॉक को प्राथमिकता दे रहा है, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

जिला मुख्यालय के आसपास सलामतपुर, पगनेश्वर, खनपुरा और मूरेल कलॉ सहित कई खरीदी केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भीषण गर्मी के बीच किसान दो-दो दिन तक अपनी उपज लेकर खड़े रहने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि कई केंद्रों पर बारदाने खत्म हो गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर तौल कांटे कम होने के कारण खरीदी कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।
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इस वर्ष जिले में 77,121 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। जिले को करीब 6 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक लगभग 2.97 लाख मैट्रिक टन गेहूं की ही खरीदी हो सकी है।
देवेंद्र पटेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने खरीदी केंद्र तो बना दिए, लेकिन अव्यवस्थाओं के कारण किसानों की उपज नहीं खरीदी जा रही।
उन्होंने कहा कि कई केंद्रों पर चार-चार दिन तक तुलाई बंद रही और किसान भूखे-प्यासे केंद्रों के बाहर डेरा डालने को मजबूर रहे। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ बड़ा आंदोलन करेगी।
पिछले एक सप्ताह में हुई तेज बारिश से गेहूं, चना और मसूर की फसल भीगने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसान जल्द खरीदी की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी उपज खराब न हो।