राजगढ़: जमानत के एवज में 3 हजार की रिश्वत लेते पकड़ाया बाबू, वकीलों ने दबोचा तो लौटाई रकम
पक्षकार जमानत के लिए वकील संदीप सरावत के साथ नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचे तो वहां बाबू राहुल ने 3 हजार रुपये मांगे। राशि देने के बाद ही जमानत की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 12:29:26 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 12:29:26 PM (IST)
रिश्वतखोर बाबू की शिकायत लेकर एडीएम चैंबर में ज्ञापन देने पहुंचे वकील। नईदुनियाHighLights
- जमानत के बदले रिश्वत लेने पर वकीलों ने पकड़ा
- नायब तहसीलदार के बाबू राहुल पर आरोप
- वकीलों के विरोध के बाद लौटाई रकम
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। तहसील न्यायालय में जमानत के बदले रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए हैं। वकीलों ने नायब तहसीलदार मनोहर कुल्हारे के बाबू राहुल पर एक पक्षकार से तीन हजार रुपये लेने और नायब तहसीलदार पर दूसरे वकील से पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
मामला सामने आने के बाद वकीलों ने आरोपित बाबू को घेर लिया। उसके बाद उसने पक्षकार को रिश्वत के रुपये वापस लौटा दिए। मामला सामने आने पर बड़ी संख्या में वकील कलेक्ट्रेट पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया।
ये है मामला
राजस्थान के झालावाड़ निवासी गिरधारी तंवर ने बताया कि राजगढ़ पुलिस ने उनके दामाद को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था। उसकी जमानत के लिए अधिवक्ता संदीप सरावत के साथ नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचे तो वहां बाबू राहुल ने तीन हजार रुपये मांगे। राशि देने के बाद ही जमानत की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
वकीलों ने बाबू को घेरा
इसकी जानकारी अधिवक्ता में अपने साथियों को दी तो कई लोग वहां पहुंच गए। पहले से बाबू ने रिश्चत लेने से इन्कार किया, लेकिन जब बात तलाशी की होने लगी तो उसने रकम वापस लौटा दी। अधिवक्ता मनोज गुर्जर ने आरोप लगाया कि उनके पक्षकार की जमानत का आवेदन लेने से इनकार किया गया और उनसे नायब तहसीलदार ने ही पांच हजार रुपये मांगे।
वकीलों ने शिकायत सौंपी है। संबंधित जमानत फाइलें मंगाई गई हैं। एसडीएम को जांच कर सुबह तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।- प्रतापसिंह चौहान, एडीएम