राजगढ़: सारंगपुर में करोड़ों का छात्रावास तैयार; फिर भी भूखे पेट रहकर रोजाना जोखिम भरा सफर करने को मजबूर छात्राएं
सारंगपुर में 100 सीटर कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास भवन तैयार होने के बावजूद लोकार्पण का इंतजार कर रहा है। छात्राओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है,...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 11 Sep 2026 04:30:52 PM (IST)Updated Date: Fri, 11 Sep 2026 04:30:52 PM (IST)
सारंगपुर में करोड़ों की लागत से तैयार छात्रावास बना शोपीस।नईदुनिया।HighLights
- सारंगपुर में 100 सीटर कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास भवन तैयार
- करोड़ों की लागत का छात्रावास खाली, लोकार्पण का इंतजार
- लंबी दूरी और ट्रैफिक का जोखिम उठाकर सफर कर रहीं छात्राएं
नईदुनिया प्रतिनिधि राजगढ़/सारंगपुर । नगर में करोडों की लागत से तैयार 100 सीटर कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास भवन लंबे समय से लोकार्पण का इंतजार कर रहा है। विशाल और आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है, लेकिन उपयोग में न आने के कारण ताले में जकडा खड़ा है।
छात्राओं को हो रही परेशानी
नगर में स्थित पहले कस्तूरबा गाँधी छात्रावास स्कूल से काफी लंबी दूरी पर छात्राओं को रोजाना लंबी दूरी तय कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। दूर-दराज के गांवों से आने वाली छात्राएं असुविधा झेल रही हैं। जब स्कूल के पास ही बनकर तैयार हो गया है तो उसको चालू करना चाहिए, ताकि छात्राओ को परेशानी नही झेलनी पड़े।
आधा समय तो छात्राओं को आने जाने लग जाता कई छात्रा ने तो नाम न बताने की शर्त पर बताया कि कई बार स्कूल की जल्दी में खाना भी नही खा पाती बूखे पेट रहना पड़ता है।
ट्रैफिक से गुजरना पड़ रहा खतरनाक सफर
छात्राओं को रोजाना नगर के पुराने एबी रोड से होकर गुजरना पडता है, जहां भारी ट्रैफिक के बीच सफर करना उनके लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। अभिभावकों का कहना है कि ट्रक और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जिम्मेदारों की लापरवाही
ब्लॉक कांग्रेस प्रवक्ता लखन धनगर का कहना है कि भवन तैयार होने के बावजूद संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी परवाह नहीं कर रहे। समय पर लोकार्पण और संचालन न होने से सरकारी धन की बर्बादी के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा और पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
भवन में चल रहा प्रशिक्षण का काम
जिस भवन में छात्राओं का रैन बसेरा होना चाहिए था वह अब सरकारी प्रशिक्षण का काम पिछले कुछ दिनों से चल रहा है। जबकि छात्राएं अब भी उमस भरी गर्मी के बीच स्कूल आना और जाना पड़ रहा है।
परिजनों की पीड़ा और अपील
छात्राओं के परिजनों ने कहा कि हम अपनी बच्चियों को पढ़ाने के लिए रोजाना जोखिम उठाते हैं। ट्रैफिक से होकर स्कूल भेजना हमारी मजबूरी है। सरकार ने छात्रावास बनाकर अच्छा कदम उठाया, लेकिन अगर इसका फायदा ही नहीं मिलेगा तो मेहनत और खर्च सब बेकार हो जाएगा।
परिजनों ने प्रशासन से अपील की है कि इस छात्रावास का शीघ्र लोकार्पण कर संचालन शुरू किया जाए, ताकि बच्चियाँ सुरक्षित माहौल में पढाई कर सकें और माता-पिता भी निश्चिंत हो सकें।
अभी बिल्डिंग पृरी तरह बनकर तैयार है। पुरानी और नई बिल्डिंग में 100-100 छात्राएं रहेंगी। शासन के निर्देशानुसार नए भवन के लिए नया स्टॉप आने पर हॉस्टल का लोकार्पण होगा और उसके बाद हॉस्टल को छात्राओं के निवास के लिए शुरू किया जाएगा।- सुरेश विरमाल, बीईओ, सारंगपुर।