धोनी से मिलने का गजब जुनूनः 'कैप्टन कूल' की एक झलक पाने के लिए MP के राजगढ़ से साइकिल से रांची निकला युवक
बेमिसाल प्यार और अटूट जज्बे की एक अनोखी कहानी राजगढ़ जिले के पडाना से सामने आई है, जिसने साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो तो एक साधारण सी साइकिल...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 09:01:29 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 09:02:08 PM (IST)
पडाना की आवास कॉलोनी में रहने वाले युवा नीरज मालवीय एमएस धोनी से मिलने के लिए झारखंड की राजधानी रांची के लिए निकल पड़े हैं।HighLights
- पडाना की आवास कॉलोनी में रहते हैं नीरज मालवीय
- पडाना से रांची की दूरी लगभग 1200 से 1300 किमी है
- अदम्य साहस और दीवानगी को देखकर हर कोई हैरान
नईदुनिया प्रतिनिधि, पडाना। कहते हैं कि जब किसी के प्रति सच्ची दीवानगी और जुनून हो, तो रास्ते की कोई भी दूरी या मुश्किल मायने नहीं रखती। खासकर जब बात क्रिकेट और भारत के सबसे चहेते क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की हो, तो फैंस का प्यार किसी भी हद से गुजर सकता है।
इसी बेमिसाल प्यार और अटूट जज्बे की एक अनोखी कहानी राजगढ़ जिले के पडाना से सामने आई है, जिसने साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो तो एक साधारण सी साइकिल भी सुपरबाइक बन जाती है।
धोनी से मिलने के लिए रांची के लिए निकल पड़े हैं
पडाना की आवास कॉलोनी में रहने वाले युवा नीरज मालवीय (पिता कालूराम मालवीय) एक कट्टर क्रिकेट प्रेमी हैं। नीरज अपने आदर्श और 'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर एमएस धोनी से मिलने के लिए झारखंड की राजधानी रांची के लिए निकल पड़े हैं।
साइकिल से ही इस महायात्रा का श्रीगणेश कर दिया
खास बात यह है कि नीरज ने इसके लिए किसी फ्लाइट, ट्रेन या लग्जरी गाड़ी का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी साधारण सी साइकिल से ही इस महायात्रा का श्रीगणेश कर दिया है। पडाना से रांची की दूरी लगभग 1200 से 1300 किलोमीटर है।
नीरज के पास केवल साइकिल और पीठ पर टंगा एक बैग है
इतनी लंबी, दुर्गम और थका देने वाली यात्रा को सिर्फ साइकिल से तय करना किसी कठिन तपस्या से कम नहीं है। सुविधाओं के नाम पर नीरज के पास केवल उनकी साइकिल और पीठ पर टंगा एक बैग है, लेकिन उनके दिल में अपने हीरो से मिलने का जो विशाल जुनून है, वह किसी भी थकान पर भारी है।
अदम्य साहस और दीवानगी को देखकर हर कोई हैरान
ग्रामीण अंचल से ताल्लुक रखने वाले इस युवा के अदम्य साहस और दीवानगी को देखकर हर कोई हैरान है। पूरे इलाके में नीरज के इस साहसिक सफर की जमकर चर्चा हो रही है। स्थानीय लोग और नीरज के परिजन यही दुआ कर रहे हैं कि उनकी यह कठिन 'तपस्या' सफल हो और रांची पहुंचने पर उन्हें अपने चहेते सितारे महेंद्र सिंह धोनी से मिलने का अवसर जरूर मिले।
नीरज का यह सफर यह बताने के लिए काफी है कि सच्चे प्रशंसक के लिए दुनिया की कोई भी दूरी नामुमकिन नहीं है।