
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजगढ़। जिले के खिलचीपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से भगवान की प्रतिमाओं को लेकर पुजारी वृंदावन चले गए। इसकी वजह से आश्रम संचालक 75 वर्षीय बालयोगी सोहनदास महाराज बेहद भावुक हो गए हैं। उन्होंने आश्रम परिसर में अन्न का त्याग कर अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रभु नहीं आएंगे तब तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। उधर भगवान की मूर्तियां खोजने के लिए पुलिस टीम मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना हुई है।
बताया जा रहा है कि वृंदावन से आए विष्णु दास पुजारी जगन्नाथ मंदिर में भगवान के विग्रहों की सेवा और अर्चना करते थे। वहीं मंदिर परिसर में ही एक कमरे में रहते थे। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय गंजेड़ी उन्हें परेशान कर रहे थे। उनसे अभद्रता व मारपीट तक की गई थी। परेशान होकर पुजारी विष्णु दास ने गुरुवार रात में मंदिर के गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की मूर्तियां उठाई और एक कार में बिठाकर रवाना हो गए।
उन्होंने एक वीडियो जारी कर मूर्तियां को ले जाने का कारण बताया। शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी होने पर श्रद्धालुओं के साथ आश्रम संचालक और महंत बालयोगी सोहनदास महाराज बेहद दुखी हो गए। वे रोने लगे। शनिवार को उन्होंने अन्न का त्याग कर दिया। उनका कहना है कि जब तक भगवान वापस नहीं आ जाते, तब तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।