
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम: फर्जी नारकोटिक्स इंस्पेक्टर बनकर शहर के प्रॉपर्टी कारोबारी से 3.45 करोड़ रुपये सहित मकान और प्लॉट ऐंठने के मामले में गिरफ्तार सपना ठाकुर की ठगी की परतें लगातार खुल रही हैं। अब तक सपना के खिलाफ चार शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
सपना ने पीड़ितों का भरोसा जीतने के लिए अलग-अलग पहचान और पहुंच का सहारा लिया। कहीं नौकरी लगवाने का भरोसा दिया तो कहीं सरकारी सहायता दिलाने और कानूनी कार्रवाई से रकम वापस दिलाने का दावा किया। धार के दिव्यांग पिता-पुत्र से धर्म बहन का रिश्ता बनाकर परिवार में घुलने-मिलने के बाद 40 से 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देकर 4.50 लाख रुपये लेने की शिकायत सामने आई है।
वहीं इंदौर के गौतमपुरा में सराफा व्यापारी से करीब चार लाख रुपये के जेवर लेकर भुगतान नहीं करने का मामला भी सामने आया है। जावरा में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये लेने का प्रकरण सोमवार को दर्ज होने के बाद मंगलवार को धार के पीड़ित माणकचौक थाने पहुंचे।
धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र के कोद-बिड़वाल निवासी दिव्यांग दयाराम परमार और उनके दृष्टिहीन बेटे भरत ने सपना के खिलाफ ठगी की शिकायत की है। भरत के अनुसार वर्ष 2023 में सपना उसकी बहन रीना के संपर्क में आई थी। रीना की शादी रतलाम में हुई है और वह राम मंदिर क्षेत्र में सब्जी की दुकान लगाती थी। सपना वहां पहुंची और बातचीत के दौरान खुद को कालूखेड़ा नवोदय विद्यालय की प्राचार्य बताया।
इसके बाद सपना ने रीना को अपनी धर्म की बहन बनाया और कोद बिड़वाल स्थित परिवार के घर आना-जाना शुरू कर दिया। पारिवारिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेने लगी। परिवार का भरोसा हासिल करने के बाद सपना ने बताया कि जबलपुर हाईकोर्ट में केस लगाकर वह दयाराम और भरत को सरकार से 40 से 50 लाख रुपये की सहायता दिलवा सकती है। इसके लिए उसने 5.50 लाख रुपये खर्च होने की बात कही।
परिवार ने लोन लेकर किस्तों में 2.50 लाख रुपये आनलाइन और दो लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद शेष राशि की व्यवस्था नहीं होने से वे नहीं दे सके। रुपये देने के बाद पिता-पुत्र ने सपना से केस और अन्य दस्तावेज मांगे तो वह कभी दस्तावेज घर पर होने की बात कहती तो कभी अन्य बहाना बनाकर टाल देती।
रुपये वापस मांगने पर भी आनाकानी करती रही। पीड़ित कई बार उसके घर भी गए, लेकिन रकम वापस नहीं मिली। करीब एक माह से सपना फोन भी नहीं उठा रही थी। बाद में सपना से जुड़े ठगी के मामले समाचारों में सामने आने पर परिवार को अपने साथ हुई ठगी की जानकारी हुई। घटनास्थल धार जिले के कानवन थाना क्षेत्र का होने के कारण पिता-पुत्र को कानवन थाने भेजा गया। परिवार की जिम्मेदारी भरत की मां संतोषबाई पर है, जो मजदूरी कर भरण-पोषण करती है।
इंदौर जिले के गौतमपुरा निवासी सराफा व्यापारी आशीष सोनी के अनुसार दिसंबर 2024 में सपना उसकी दुकान पर पहुंची थी। उसने खुद को माणकचौक थाने में पदस्थ बताया और करीब चार लाख रुपये के जेवर लिए। इसके बदले उसने आशीष को चेक दिया था।
फरवरी 2025 में चेक बैंक में लगाया तो वह अनादरित हो गया। इसके बाद भुगतान के लिए तकाजा करने पर सपना लगातार टालमटोल करती रही। बाद में उसने झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी। अब आशीष भी पुलिस में शिकायत की तैयारी कर रहे हैं। एसआइ शांतिलाल चौहान ने बताया कि सपना का रिमांड समाप्त होने के बाद मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आगे की कार्रवाई के लिए जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना उसे प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड पर लेगा। सपना से जुड़े बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है। सपना के खिलाफ सामने आए मामलों में मंदसौर में एंबुलेंस लगाने के नाम पर रुपये लेने, पेट्रोल पंप खुलवाने का झांसा देने, जावरा में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये लेने के मामले अब तक सामने आ चुके हैं।
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