
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। इंदौर से मुंबई सेंट्रल जाने वाली अवंतिका सुपरफास्ट एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान बेटिकट यात्रा कर रहे दंपती ने टीटीई के साथ अभद्रता और हंगामा किया। पुरुष यात्री ने खुद को वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी का छोटा भाई और रेलवे में पदस्थ एसपी को जीजा बताकर धौंस जमाई। करीब पांच घंटे तक चले विवाद के बाद दंपति को दाहोद स्टेशन पर ट्रेन से उतार दिया गया।
घटना का वीडियो मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित होने के बाद मामला सामने आया। सोमवार को प्रतिनिधिमंडल ने सीनियर डीसीएम हिना केवलरमानी से मुलाकात कर कार्रवाई और रेलकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
टीटीई मोहम्मद अरमान की शिकायत के अनुसार घटना 10 अक्टूबर 2026 की रात ट्रेन संख्या 12962 के एस-6 कोच में हुई। अरमान साथी टिकट परीक्षकों बलबीर सिंह राठौर और महेश मालवीय के साथ इंदौर से वडोदरा के बीच ड्यूटी पर थे। कोच में बर्थ नंबर 33 से 38 के बीच टिकट जांच के दौरान समेंद्र जैन निवासी देवास नाका इंदौर और उसके साथ महिला यात्री मिली। दोनों का ऑनलाइन वेटिंग टिकट कन्फर्म नहीं होने के कारण स्वतः निरस्त हो चुका था।
टीटीई ने नियमानुसार इंदौर से वडोदरा तक 750 रुपये किराया और 1000 रुपये जुर्माना मिलाकर कुल 1750 रुपये जमा करने को कहा। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। देवास, उज्जैन, नागदा और रतलाम स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की मदद लेनी पड़ी, लेकिन हंगामा जारी रहा। पूरा घटनाक्रम आरपीएफ जवानों के सामने होता रहा, लेकिन वे दंपति को काबू नहीं कर सके।
वीडियों में यात्री टीटीई से गाली-गलौज और अभद्रता करते नजर आ रहा है। वह बैज नंबर मांगने के साथ वर्दी उतरवाने और स्टेशन के बाहर मिलने पर जान से मारने की धमकी देता सुनाई देता है। अन्य रेलकर्मियों और सुरक्षा बल के सामने आपत्तिजनक तथा सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया गया है। दूसरी ओर महिला यात्री का कहना था कि उसका पर्स गिर गया था और उसके पास नकद रुपये नहीं थे। उसने ऑनलाइन 1720 रुपये देने की बात कही थी। अरमान का कहना है कि मानवीय आधार पर दोनों को वडोदरा तक अपनी सीट पर बैठकर जाने की पेशकश की थी, लेकिन वे दोनों बर्थ की पक्की रसीद मांगने लगे। नियमानुसार किराया और जुर्माना जमा करने से मना कर दिया।
टीटीई अरमान ने कहा कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के बावजूद जीआरपी ने केवल बिना टिकट यात्रा का सामान्य प्रकरण बनाया। इसी बात को लेकर चेकिंग स्टाफ में नाराजगी है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस और रेलवे अधिनियम के तहत नामजद कार्रवाई कराने की मांग की है।
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टीटीई के साथ अभद्रता का मामला वीडियो के माध्यम से संज्ञान में आया है। जांच रतलाम जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार को सौंपी गई है। आरोपितों की पहचान कर जल्द प्रकरण दर्ज किया जाएगा। - हेमंत चौहान, एएसपी जीआरपी इंदौर।