
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : रावटी के स्टेशन रोड स्थित मकान में प्रार्थना सभा को लेकर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने दंपती के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। 1 नवंबर को हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने आदिवासी महिलाओं और बच्चों का मतांतरण कराने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी थी। तलाशी में तीन बाइबल, एक पेन ड्राइव, कुछ आइडी कार्ड और प्रार्थना सभा से जुड़ी सामग्री मिली थी।
शुरुआती जांच में पुलिस को मतांतरण के तथ्य नहीं मिले थे, लेकिन अब रावटी निवासी 21 वर्षीय शिवा रायकवार ने पुलिस को बताया कि 1 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे वह स्टेशन रोड स्थित किराये के मकान में चल रही प्रार्थना सभा में पहुंचा था।
उसे ग्रामीणों से जानकारी मिली थी कि वहां प्रार्थना करने से दुख और कष्ट दूर होते हैं। उस समय मकान में करीब 25 से 30 महिलाएं, पांच से सात बच्चे और आठ से दस पुरुष मौजूद थे। वहां मौजूद नंदीबाई अमलियार ने ईसाई धर्म अपनाने पर बीमारियां और परेशानियां दूर होने की बात कही।
उसने स्टील की केतली में रखे पानी जैसे द्रव्य को चमत्कारिक पानी बताकर शिवा को चम्मच से पिलाया। इसे पीने के बाद उसे घबराहट और हल्के चक्कर आने लगे। इसके बाद प्रार्थना कराई गई। नंदीबाई और एक अन्य महिला ने बाइबल का पाठ करते हुए उस पर बार-बार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
घबराहट होने पर उसने अपने मित्र गजेंद्र सिंह राठौड़ को फोन किया था, जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी। शिकायत के आधार पर टीकमसिंह अमलियार, उसकी पत्नी नंदीबाई अमलियार और एक अन्य महिला के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। थाना प्रभारी मनीष डावर ने बताया कि आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।
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