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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ratlam News: फर्जी लोन कंपनी बनाकर कई राज्यों में 122 लोगों से ठगी, मकान मालिक से भी ले लिए 27 लाख रुपये

पुलिस ने लोन देने के नाम पर सैकड़ों लोगोंं को ठगने वाले एक व्‍यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कई राज्‍यों में अपने फर्जी कार्यालय खोल लिए थे। पुलि...और पढ़ें

By arif qureshiEdited By: arif qureshi
Publish Date: Sat, 06 Jul 2024 09:45:28 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jul 2024 09:32:46 AM (IST)
Ratlam News:  फर्जी लोन कंपनी बनाकर कई राज्यों में 122 लोगों से ठगी, मकान मालिक से भी ले लिए 27 लाख रुपये
लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी मोहम्मद फारूक अब पुलिस की गिरफ्त में।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। फाइनेंस कंपनी के नाम पर शहर में किराए का आफिस लेकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में करीब पांच माह से फरार चल रहे आरोपित 52 वर्षीय मोहम्मद फारूक पुत्र फकीर मोहम्मद निवासी मोहम्मद फारूक निवासी एमएम करीम अपार्टमेंट मकरबा सर्कैस अहमदाबाद (गुजरात) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसे शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 7 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए हैं। आरोपित ने कई राज्यों में इसी तरह की कंपनी खोली थी।

पुलिस के अनुसार फरियादी गिरीश मेहता निवासी स्टेशन रोड ने फरवरी 2024 में रिपोर्ट की थी कि नवंबर 2023 में मोहम्मद फारूक नामक व्यक्ति ने खुद को रतलाम निवासी बताया था। वह एक अन्य व्यक्ति के साथ उनसे मिला था। फारूक ने कहा था कि फाइनेंस कंपनी खोलने के लिए किराये पर मकान की बात कहने पर उससे एग्रीमेंट कर एक भवन किराये पर दे दिया था।


स्थानीय पते से उसने मोबाइल फोन की नई सिम ली थी और महाराष्ट्र बैंक में खाता खुलवाया था। इसके साथ ही उसने एक अखबार में गेट ग्लोबल नाम से फाइनेंस कंपनी का विज्ञापन देकर कर्मचारियों का इंटरव्यू लेकर भर्ती किया था। इसके बाद साजिश के तहत उसने हाउस, बिजनेस, पर्सनल, मार्डगेज, एग्रीकल्चर लोन आदि के पम्‍पलेट छपवाए थे।

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ऑफिस सेटअप जमाकर लोन वितरित करने के लिए कर्मचारियों को रतलाम के आसपास के क्षेत्रों में भेजा। लोगों से लोन की प्रक्रिया फीस के नाम पर 40 दिन में करीब 15 लाख रुपए एकत्र किए थे। इसके अलावा उसने मकान मालिक गिरीश मेहता से यह कहकर 27 लाख रुपयों की मांग की थी कि उसकी कंपनी का लाइसेंस आरबीआई से प्रक्रिया में है, उसे 122 लोगों को उनकी फाइलों पर लोन वितरित करना है। आरबीआई से अप्रूवल होते ही वह रुपये वापस कर देगा। इस पर गिरीश मेहता ने उसे 14 लाख रुपए नकद दिए थे और 13 लाख रुपए गेट ग्लोबल फाइनेंस कंपनी के रतलाम स्थित महाराष्ट्र बैंक के खाते में भेजे थे।

रुपये लेकर फरार हो गया था

फारूक रुपये मिलने के बाद मुंबई आरबीआई ऑफिस जाने का बात कहकर ऑफिस का सेटअप फर्नीचर आदि छोड़कर फरार हो गया था। गिरीश मेहता की रिपोर्ट पर भादंवि की धारा 420, 406, 467, 468, 471, 34, 120 बी में प्रकरण दर्ज किया गया था। तभी से पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन, एएसपी राकेश खाखा व सीएसपी अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में मोहम्मद फारूक की गिरफ्तारी के लिए स्टेशन रोड थाना व सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने खोजबीन कर उसे गिरफ्तार कर लिया। टीम में टीआई दिनेश कुमार भोजक, एसआई प्रेमसिंह हटीला, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विजय निनामा व लोकेंद्र सोनी शामिल थे।

राजस्थान में बनवाई थी वेबसाइट, रुपये क्रिकेट सट्टे के बुकी को दिए

आरोपित मोहम्मद फारूक को पकड़ने के लिए पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि वह लोने देने के लिए इंटरनेट व अखबारों में विज्ञापन देता था। उसने रतलाम के अलावा राजस्थान के जोधपुर में सन फाइनेंस, सीकर में सूर्या फाइनेंस, उड़ीसा के भुवनेश्वर में इजी फाइनेंस. गुजरात के सूरत में एक्सलुट शोपर्स, बिहार, झारखंड, अहमदाबाद आदि स्थानों पर अलग-अलग नाम से ऑफिस खोले थे। सीकर में लोन के लिए एक वेबसाइट भी बनवाई थी, जिस पर लोन के लिए रजिस्ट्रेशन किया जा सके। प्रारंभिक पूछताछ में उसने बताया कि करीब 20 लाख रुपये उसने अजमेर में क्रिकेट सट्टे के एक बुकी को दिए थे। पुलिस उससे बुकी के बारे में पूछताछ कर रही है।