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रतलाम में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक, नहीं माने तो लीज होगी निरस्त

हाउसिंग बोर्ड की इस कार्रवाई से शहर की प्रमुख कॉलोनियों में रहने वाले बड़ी संख्या में भूखंडधारी और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले लोग प्रभावि...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 01:32:24 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 01:42:56 PM (IST)
रतलाम में हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक, नहीं माने तो लीज होगी निरस्त
दीनदयाल नगर का आवासीय क्षेत्र, जहां दुकानें खुल गई हैं।

HighLights

  1. नोटिस में लीज की शर्तों और निर्धारित उपयोग के अनुरूप संपत्ति का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया
  2. रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है
  3. नोटिस में व्यावसायिक गतिविधियां तत्काल बंद कर इसकी सूचना कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम शहर की हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में आवासीय भूखंड और भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर अब रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। बोर्ड के संपदा अधिकारी ने संबंधित भूखंडधारियों को नोटिस जारी कर सात दिन में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो भूखंड की लीज निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

संपदा अधिकारी द्वारा 15 सितंबर को जारी नोटिस को अंतिम चेतावनी बताया गया है। इससे पहले भी जून और अगस्त में संबंधित भूखंडधारियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अब तीसरी बार जारी नोटिस में व्यावसायिक गतिविधियां तत्काल बंद कर इसकी सूचना कार्यालय को देने के निर्देश दिए गए हैं। हाउसिंग बोर्ड की इस कार्रवाई से शहर की प्रमुख कॉलोनियों में रहने वाले बड़ी संख्या में भूखंडधारी और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले लोग प्रभावित होंगे।


शहर में मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा विकसित अलकापुरी, जवाहर नगर, दीनदयाल नगर, टाटानगर, गंगासागर, रत्नपुरी और विनोबा नगर प्रमुख कॉलोनियां हैं। इन क्षेत्रों में अनेक आवासीय भूखंड और भवन हैं, जहां लंबे समय से दुकान, कार्यालय, संस्थान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब बोर्ड आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित भूखंडों और भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों को बंद कराने की तैयारी में है।

3000 से अधिक भूखंडधारी होंगे प्रभावित

हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई का असर शहर के करीब तीन हजार से अधिक भूखंडधारियों पर पड़ने की संभावना है। इनमें ऐसे भूखंडधारी भी शामिल हैं, जिन्होंने आवासीय भूखंड अथवा भवन में किसी तरह की व्यावसायिक गतिविधि शुरू कर रखी है। बोर्ड की ओर से जारी नोटिस में लीज की शर्तों और निर्धारित उपयोग के अनुरूप संपत्ति का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

रहवासी क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ रहा है। भोपाल में इस दिशा में कार्रवाई शुरू होने के बाद अब प्रदेश के अन्य शहरों में भी आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक उपयोग को लेकर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में रतलाम में भी नोटिस जारी कर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं।

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नगर निगम की कॉलोनियों में भी यही स्थिति

शहर में केवल हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां ही नहीं, बल्कि तत्कालीन नगर सुधार न्यास और वर्तमान में नगर निगम की विकास शाखा द्वारा विकसित कॉलोनियों में भी आवासीय क्षेत्रों का व्यावसायिक उपयोग बढ़ा है। टीआईटी रोड कॉलोनी, डोंगरे नगर और कस्तूरबा नगर सहित कई क्षेत्रों में रहवासी इलाके अब व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र बन चुके हैं।

फिलहाल नगर निगम को इस संबंध में कोई नया निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार भविष्य में शासन अथवा सक्षम स्तर से निर्देश मिलने पर नगर निगम क्षेत्र में भी आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक उपयोग को लेकर इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

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