
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। करीब एक लाख करोड़ रुपये की लागत से बने दिल्ली-मुंबई एटलेन एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। रतलाम से गुजर रहे एक्सप्रेस-वे की नई दिल्ली जाने वाली लेन पर शिवगढ़ के पास अंडरपास के ठीक ऊपर दरार दिखाई दी है। सूचना मिलने के बाद एनएचएआई ने ट्रैफिक डायवर्ट कर प्रभावित हिस्से में सुधार कार्य शुरू करा दिया है।
जिस स्थान पर दरार दिखाई दी है, वह अंडरपास के ऊपर ब्रिज डेक स्लैब का हिस्सा है। इसके नीचे करीब 30 फीट की गहराई है। जांच के लिए दरार वाली जगह के आसपास करीब दो वर्गमीटर क्षेत्र में सड़क खोदी गई है।
प्रभावित हिस्से की सुरक्षा के लिए ग्रीन नेट भी लगाया गया है। नई दिल्ली जाने वाली चार लेन में से पहली और दूसरी लेन को कुछ दूरी तक बंद किया गया है। फिलहाल तीसरी और चौथी लेन से वाहनों को निकाला जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सुधार कार्य पूरा होने और सामान्य आवाजाही बहाल होने में करीब एक सप्ताह लग सकता है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। मध्य प्रदेश में इसका करीब 244 किलोमीटर हिस्सा वर्ष 2023 में बनकर तैयार हुआ। ऐसे में महज तीन साल में अंडरपास के ऊपर सड़क के हिस्से में खराबी सामने आने से एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होना है। इससे गुजरात और महाराष्ट्र से आने-जाने वाले वाहनों का दबाव इस मार्ग पर और बढ़ने की संभावना है।
यह भी पढ़ें- एमपी में 30 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति अटकी, कॉलेज स्टूडेंट हो रहे परेशान, पोर्टल की तकनीकी खामियां बनीं बाधा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र चापेकर ने बताया कि यह कार्य नियमित निरीक्षण और प्रो-एक्टिव मेंटेनेंस व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान ब्रिज डेक स्लैब के करीब दो वर्गमीटर हिस्से में खराबी मिली थी।
ब्रिज के हिस्से से पानी रिस रहा था। सुरक्षा को देखते हुए सुधार कार्य कराया जा रहा है। फिलहाल मार्ग पर ट्रैफिक कम होने के कारण काम सुरक्षित तरीके से किया जा रहा है। इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।