
नईदुनिया न्यूज, रतलाम, सैलाना। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में मंगलवार को कक्षा 12वीं कला संकाय की छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। छात्रा त्रैमासिक परीक्षा दे रही थी। परीक्षा के दौरान उसके पास नकल की पर्ची मिलने पर ड्यूटी शिक्षिका ने उसकी कापी ले ली और उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद छात्रा सीधे हॉस्टल चली गई। कुछ देर बाद परीक्षा देकर लौटी दो छात्राओं ने उसे कमरे में फंदे पर लटका देखा।
घटना के बाद अन्य विद्यार्थी आक्रोशित हो गए। स्वजन के साथ मिलकर शाम 6 बजे हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन कर प्राचार्य, वार्डन, अधीक्षक व शिक्षिका को हटाने और मुआवजे की मांग की। इसके बाद प्राचार्य नरेंद्र गंगवाल को हटाकर जनजाति कार्यविभाग रतलाम अटैच कर दिया गया।
छात्रा देवास जिले के मेवाड़ पंथ (सतवास) निवासी 17 वर्षीय वर्षा पुत्री टीकाराम सोलंकी है। कक्षा छठी से इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। मंगलवार सुबह 11:25 बजे अर्थशास्त्र विषय की परीक्षा में शिक्षक एमडी सिराजुद्दीन ने छात्रा के पास पर्ची देखी थी।
साथी शिक्षिका प्रीति लांबा से छात्रा की तलाशी करवाने पर नकल की पर्ची मिलने मिली। प्रीति के अनुसार छात्रा को केवल परीक्षा कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा और कोई प्रकरण नहीं बनाया गया। उम्मीद थी कि गलती के लिए माफी मांगने पर वह वापस परीक्षा में शामिल हो सकेगी, लेकिन वह हॉस्टल चली गई। जिसकी जानकारी हमें नहीं मिली।
वार्डन रेखा पारगी ने बताया कि वह प्राचार्य नरेंद्र गंगवाल के पास गई थीं और करीब 11:10 बजे हॉस्टल लौटी। जिस कमरे में छात्रा रहती थी, उसमें आठ छात्राएं रहती हैं। बाद में परीक्षा देकर लक्षिता और हर्षिता हॉस्टलपहुंचीं और छात्रा को फंदे पर लटका देखा तो घबराकर शोर मचाया। स्कूल स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। वार्डन और अन्य लोगों ने चाकू से रस्सी काटकर छात्रा को नीचे उतारा। इसी हॉस्टल में रहकर 10वीं में पढ़ाई कर रहे उसके भाई आकाश को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी।
एसडीओपी निलम बघेल, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, थाना प्रभारी पिंकी आकाश समेत बल मौके पर पहुंचा। प्राचार्य नरेंद्र गंगवाल ने बताया कि छात्रा पर पढ़ाई को लेकर कोई दबाव नहीं था। परीक्षा के दौरान छात्रा के पास पर्ची मिलने की जानकारी ड्यूटी शिक्षिका ने दी थी। तहसीलदार मनीष जैन और राजस्व निरीक्षक कोमल चारेल भी स्कूल पहुंचे। तहसीलदार ने प्राचार्य नरेंद्र गंगवाल, वार्डन रेखा पारगी और शिक्षिका प्रीति से घटना की जानकारी ली। शाम को जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त प्रियंका राय भी स्कूल पहुंचीं।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना 1982 में आदिवासी क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के उद्देश्य से की गई थी। संस्था से पढ़कर कई विद्यार्थी उच्च पदों तक पहुंचे हैं। कुछ वर्ष पहले संस्था को सीबीएसई से संबद्ध कर केंद्रीय जनजातीय कार्य विभाग के अधीन कर दिया गया। यहां कक्षा छठी से 12वीं तक हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई होती है।
लिखित परीक्षा के माध्यम से निर्धारित सीटों पर प्रवेश दिया जाता है, जिसके कारण प्रदेश के अन्य जिलों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थी भी यहां पढ़ने आते हैं। संस्था पूर्व में भी विवादों में रही है। करीब आठ वर्ष पहले परिसर में बने आवास में एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली थी। भोजन और आवासीय व्यवस्थाओं को लेकर विद्यार्थी विरोध करते रहते है। कुछ माह पहले हॉस्टल वार्डन के डर से एक छात्र हॉस्टल छोड़कर चला गया था, जिसे तीन दिन बाद तलाशा गया।