
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम जिले में लंबे अंतराल बाद शुरू हुए रिमझिम-झमाझम के दौर ने जिलेवासियों के चेहरे खिला दिए हैं। मौसम के बदले मिजाज से अब किसान सहित आमजन को कुछ उम्मीद बंधी है। रविवार को शहर सहित अंचल में कई स्थानों पर रिमझिम-तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बहने लगा, वहीं वातावरण में ठंडक घुल गई।
जिले में अब तक औसत 533.25 मिमी बारिश ही हुई है। यह गत वर्ष 1198 मिमी से 664.75 मिमी कम है। गत वर्ष जावरा, पिपलौदा, बाजना, रतलाम, रावटी और सैलाना तहसील औसत बारिश का आंकड़ा पार कर काफी आगे निकल गई थी। जबकि इस वर्ष इन तहसीलों में आधे से भी कम बारिश हुई है। रविवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में औसत 18.13 मिमी बारिश हुई।
आलोट तहसील में 45 मिमी, जावरा में 27 मिमी, ताल में 38 मिमी, पिपलौदा में 16 मिमी, बाजना में तीन मिमी, रावटी में नौ मिमी, सैलाना तहसील में सात मिमी बारिश हुई। एकमात्र रतलाम तहसील सूखी रही। जिले की कुल औसत बारिश 918.3 मिमी है।
शनिवार के मुकाबले रविवार को अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट व न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 90 प्रतिशत व शाम की 95 प्रतिशत रही, जो शनिवार को क्रमश: 95 व 90 प्रतिशत थी।
बाजना : लंबे समय बाद रविवार दोपहर बाद अंचल में तेज बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरे खिल गए और उमस व गर्मी से आमजन को राहत मिली। तेज बारिश ने क्षेत्र को तरबतर कर दिया। लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
सिमलावदा : लंबे अंतराल के बाद रविवार शाम करीब चार बजे क्षेत्र में बारिश हुई। करीब आधे घंटे तक मूसलधार बारिश के बाद रिमझिम का दौर जारी रहा। सिमलावदा, सुजलाना और रत्तागढ़खेड़ा क्षेत्र में हुई बारिश से किसानों ने राहत की सांस ली।
बारिश की कमी से तालाब, कुएं और अन्य जलाशय सूखे पड़े हैं। इसका असर ऊटी लहसुन की बोवनी पर भी पड़ रहा है। किसान इस बार पिछले वर्ष की तुलना में कम मात्रा में लहसुन बीज खरीद रहे हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।