
नईदुनिया न्यूज, सरवन (रतलाम) : सरवन से करीब तीन किलोमीटर दूर चावड़ाखेड़ी और सकरावदा के बीच मंगलवार रात नीलगाय के अचानक बाइक के सामने आ जाने से खेत से घर लौट रहे बाइक सवार काका-भतीजे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में 35 वर्षीय काका नानूराम पुत्र मानजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 14 वर्षीय भतीजे अल्पेश पुत्र भंवर मईडा ने भी मेडिकल कालेज पहुंचने पर दम तोड़ दिया।
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार आदिवासी गांव चावड़ा खेड़ी निवासी नानूराम मईडा मंगलवार रात करीब 8 बजे अपने भतीजे अल्पेश के साथ बाइक से खेत से घर लौट रहे थे। इसी दौरान चावड़ा खेड़ी और सकरावदा के बीच सड़क पर अचानक नीलगाय बाइक के सामने आ गई। उसे बचाने के प्रयास में बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े।
हादसे में नानूराम के सिर और हाथों में गंभीर चोटें आईं। वहीं अल्पेश के दोनों हाथों सहित शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोटें आईं। गंभीर चोटों के कारण नानूराम ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद स्वजन घायल अल्पेश को उपचार के लिए सरवन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पदस्थ दोनों चिकित्सकों में से कोई भी मौजूद नहीं था। ऐसे में गंभीर घायल किशोर को तत्काल उपचार उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरी में परिजन उसे लेकर रतलाम मेडिकल कालेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद अल्पेश को मृत घोषित कर दिया।
सरवन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करीब 120 गांवों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में यहां 24 घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता जरूरी है, ताकि दुर्घटना और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। शासन ने यहां दो चिकित्सकों की नियुक्ति कर रखी है, इसके बावजूद मंगलवार रात दोनों के नहीं होने से गंभीर घायल को स्वजनों को रतलाम ले जाना पड़ा। यहां लैब टेक्नीशियन के जाने के बाद से खून की जांचें भी प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर अधिक पैसे खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है।