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नागदा–गोधरा रेलखंड पर 302 किमी में लगा कवच सिस्टम, दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में बड़ा कदम

Delhi Mumbai Rail Route: नागदा–गोधरा के पूरे 302 किमी रेलखंड पर स्वदेशी कवच सिस्टम पूरी तरह कार्यशील हो गया है।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 28 Jul 2026 09:17:19 AM (IST)Updated Date: Tue, 28 Jul 2026 09:47:12 AM (IST)
नागदा–गोधरा रेलखंड पर 302 किमी में लगा कवच सिस्टम, दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने में बड़ा कदम
कवच सुरक्षा सिस्टम का मैप। -सौजन्य

HighLights

  1. इससे पहले 30 मार्च को 224 किमी पर सिस्टम लगाया गया था
  2. कवच लगने से रेल यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी
  3. ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक करने की तैयारी

नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। यात्री सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नागदा–गोधरा रेलखंड पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम कवच का कार्य पूरी तरह पूरा हो गया है।

रतलाम मंडल में 20 जुलाई को पंचपिपलिया–मंगल महुड़ी के लगभग 78 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच प्रणाली की सफल कमीशनिंग के साथ ही नागदा–गोधरा रेलखंड के संपूर्ण 302 रूट किलोमीटर मार्ग पर यह अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह कार्यशील हो गई है।


पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इससे पहले 30 मार्च को प्रथम चरण में 224 रूट किलोमीटर रेलखंड पर कवच प्रणाली लागू की गई थी। शेष 78 रूट किलोमीटर पर सफल कमीशनिंग के बाद अब दिल्ली–मुंबई उच्च घनत्व रेल मार्ग पर रतलाम मंडल का पूरा

नागदा–गोधरा रेलखंड इस सुरक्षा प्रणाली से लैस हो गया है

डीआरएम अश्विनी कुमार ने बताया कि दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग देश के सबसे व्यस्त और उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों में शामिल है। ऐसे महत्वपूर्ण रेलखंड पर कवच का सफल क्रियान्वयन सभी विभागों के समन्वय, तकनीकी दक्षता और टीमवर्क का परिणाम है।

मिशन रफ्तार का हिस्सा

यह परियोजना रेलवे के मिशन रफ्तार का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योजना के तहत दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पूरे मार्ग पर ब्रिजों की मरम्मत, ओएचई रखरखाव, सिग्नलिंग सिस्टम का उन्नयन, कर्व री-अलाइनमेंट और एच-बीम स्लीपर लगाने जैसे कार्य भी किए गए।

आमने-सामने आने पर ट्रेन में स्वत: लग जाएगा ब्रेक

कवच रेलवे की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसे आरडीएसओ ने विकसित किया है। इंजन में लगे सेंसर, जीपीएस और रेडियो संचार प्रणाली के माध्यम से यदि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं या चालक लाल सिग्नल पार करने का प्रयास करे, तो यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगा देती है।

साथ ही यह ओवरस्पीड रोकने, लोको पायलट को रियल टाइम सिग्नल जानकारी देने, पीछे से होने वाली टक्करों को रोकने, गति प्रतिबंधों का पालन कराने, लेवल क्रासिंग पर चेतावनी देने और आपात स्थिति में एसओएस संदेश भेजने में भी सक्षम है। इससे ट्रेन परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

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