
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत विनोबा नगर में दोस्तों के साथ चाय पीने कैफे पर पहुंचे किशोर को नाबालिगों के एक समूह ने चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना बुधवार रात की है। घायल अल्कापुरी निवासी 17 वर्षीय गौतम पुत्र भगवतीलाल गोयल को मेडिकल काॅलेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुलिस इसे पुरानी रंजिश बता रही है, लेकिन पिता ने रंजिश होने से इंकार किया है। मामले में चार नाबालिग आरोपितों व अन्य साथियों पर हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया है।
गौतम के दोस्त अल्कापुरी निवासी रेहान उर्फ सोनू ने पुलिस को बताया कि वह अपने मित्र मयंक रजवाडिया के साथ दोस्त गौतम गोयल के घर पर था। इसी दौरान गौतम ने बताया कि विनोबा नगर स्थित कैफे पर एक दोस्त ने चाय पीने के लिए बुलाया है। इसके बाद तीनों पैदल विनोबा नगर श्मशान घाट के सामने पहुंचे।
वहां नाबालिग आरोपित व साथी मिले, जिनसे गौतम की पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी बात को लेकर आरोपितों ने गौतम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने चाकू से गौतम पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पर अन्य साथियों ने भी लात-घूंसे से मारपीट की।
मारपीट के दौरान गौतम के सिर, पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा। बीच-बचाव करते समय रेहान के दाहिने हाथ की उंगली में भी चोट आई। घटना की सूचना गौतम के माता-पिता को दी गई, जिसके बाद उन्हें साथ लेकर घायल गौतम को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
गौतम की हालात स्थिर है। थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया कि आरोपितों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपित नाबालिग बताए जा रहे है, जिनकी उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच है। एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पिता का दर्द : अपराधी को नाबालिग मानने का कानून गलत
टेलरिंग का कार्य करने वाले घायल गौतम के पिता भगवतीलाल ने घटना को लेकर आक्रोश जताया है। पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को धोखे से बुलाया गया और उस पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया गया। जो व्यक्ति किसी की हत्या करने की नीयत से चाकू मार सकता है, वह नाबालिग कैसे हो सकता है। यह कानून गलत है। आरोपितों की उम्र भले ही कम हो, लेकिन उनकी सोच पूरी तरह आपराधिक है। उनका बेटा गौतम ईमानदार और सीधा-साधा है। जब उनका बेटा खून से सना हुई हालत में दुकान पर पहुंचा, तो उसे देखकर परिवार के रोंगटे खड़े हो गए। तत्काल उसे लेकर थाने पहुंचे और वहां से पुलिस वाहन से शासकीय मेडिकल कालेज ले जाया गया। भगवतीलाल का कहना है कि यदि मौके पर बीच-बचाव नहीं किया जाता, तो उनके बेटे की जान चली जाती। गौतम की पुरानी रंजिश होने की बात से पिता ने इंकार किया है। पिता के अनुसार आरोपितों ने अपनी धाक जमाने के लिए बेटे पर हमला किया। मेरे बेटे को अंजान नंबर से काल आया था। उसे जानबूझकर बुलाया गया था। गौतम दसवीं कक्षा में प्राइवेट पढ़ाई कर रहा है।
फोटो- घायल गौतम।