मनीष की जगह पंकज और अनुज के स्थान पर गौरव देने पहुंचा था परीक्षा, रतलाम में रेटिना टेस्ट से खुला रेलवे भर्ती का फर्जीवाड़ा
रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए फर्जीवाड़े का सिलसिला सामने आ रहा है। 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 07:46:50 PM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 07:46:50 PM (IST)
आरोपी अनुज, पंकज और गौरव। (फाइल फोटो)HighLights
- 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों का फर्जीवाड़ा पकड़ा था
- दोनों मामलों में आरोपित दूसरी बार के प्रयास में पकड़े गए है
- ऐसे में परीक्षा में व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम : रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) में डमी अभ्यर्थियों के जरिए फर्जीवाड़े का सिलसिला सामने आ रहा है। 6 सितंबर को बिहार के दो युवकों के वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने का मामला उजागर होने के तीन दिन बाद बुधवार को रेटिना टेस्ट में उत्तरप्रदेश जिला फिरोजाबाद के तीन और युवक पकड़ में आ गए।
इस बार मनीष के स्थान पर पंकज यादव और अनुज दिवाकर के स्थान पर गौरव यादव पीईटी देने पहुंचे थे। तीनों को रेलवे फुटबाल मैदान से ही पकड़कर जीआरपी चौकी के सुपुर्द किया गया। दोनों मामलों में आरोपित दूसरी बार के प्रयास में पकड़े गए है। ऐसे में परीक्षा में व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे है।
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे के दीपक तिवारी ने आवेदन में बताया कि ग्रुप डी लेवल-1 पदों पर भर्ती के लिए रेलवे फुटबाल मैदान में पीईटी आयोजित की जा रही है। बुधवार सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच टाइमिंग टेक्नोलॉजी के नामित कर्मचारियों ने रेटिना टेस्ट और पहचान प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के फोटो व रिकार्ड का मिलान किया।
इसमें परीक्षा देने पहुंचे युवकों की पहचान वास्तविक अभ्यर्थियों से अलग पाई गई। इसके बाद आरपीएफ कर्मचारियों की मदद से तीनों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवकों में फिरोजाबाद के ग्राम जफराबाद निवासी 21 वर्षीय गौरव पुत्र दिगंबर यादव, अलीनगर निवासी 33 वर्षीय पंकज पुत्र भूरी सिंह यादव और ग्राम बावली निवासी 20 वर्षीय अनुज पुत्र रामकिशोर शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि गौरव यादव वास्तविक अभ्यर्थी अनुज दिवाकर के स्थान पर और पंकज यादव वास्तविक अभ्यर्थी मनीष के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। खास बात यह है कि मनीष स्वयं पईटी में शामिल होने के लिए रतलाम आया ही नहीं था। फिरोजाबाद निवासी 26 वर्षीय मनीष सिंह पुत्र नरेंद्र सिंह फरार है।