
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। रतलाम जिले में अब मानसून की सक्रियता से माहौल बदलता जा रहा है। रुक-रुककर कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश (Rain in Ratlam) का दौर चल रहा है। मंगलवार सुबह के बाद शाम साढ़े चार बजे जोरदार गरज-चमक के साथ झमाझम का दौर शुरू हुआ। शहर में कई स्थानों पर जल निकासी नहीं होने से सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी बहने लगा।
मौसम साफ रहने के दौरान किसान परिवार के साथ खरीफ सीजन की सोयाबीन, मक्का, कपास आदि की बोवनी कर रहे हैं। सहायक संचालक कृषि भीका वास्के ने बताया कि जिले में अब तक 80 फीसद से अधिक बोवनी हो चुकी है। दो-चार दिन में शत-प्रतिशत बोवनी का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
मंगलवार सुबह आठ बजे समाप्त हुए बीते चौबीस घंटों के दौरान जिले में औसत 34.38 मिमी वर्षा हुई। आलोट तहसील में नौ मिमी, जावरा में 51 मिमी, ताल में आठ मिमी, पिपलौदा में 56 मिमी, बाजना में 12 मिमी, रतलाम में 70 मिमी, रावटी में 34 मिमी, सैलाना तहसील में 35 मिमी वर्षा हुई।
हालांकि जिला गत वर्ष की तुलना में काफी पीछे हैं। गत वर्ष अब तक जिले में औसत 336.88 मिमी वर्षा हुई थी। सोमवार के मुकाबले मंगलवार को अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 95 प्रतिशत व शाम की 94 प्रतिशत रही, जो सोमवार को क्रमश: 90 व 73 प्रतिशत थी।
बिनोबा नगर में खुले नाले और तेज बहाव से खतरा
शहर के विनोबा नगर–जवाहर नगर स्थित मुक्तिधाम मार्ग पर दो निजी स्कूल के समीप बना खुला नाला वर्षाकाल के दौरान गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। लगातार वर्षा से नाले में तेज बहाव होने के कारण पानी खुले हिस्से से गुजर रहा है। वर्षा के समय सड़क पर पानी भर जाने से यह पहचानना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां समाप्त हो रही है और नाला कहां से शुरू हो रहा है।
इसी मार्ग से प्रतिदिन दोनों विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक आवागमन करते हैं। यह मार्ग रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए भी प्रमुख रास्तों में शामिल है। तेज बहाव और खुले नाले के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

सैलाना क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही वर्षा के बाद सैलाना-सरवन मार्ग स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर पर प्राकृतिक झरना गिरने लगा है। झरना शुरू होते ही मंदिर परिसर का प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा है।
चारों ओर फैली हरियाली ने इस रमणीय स्थल की छटा को और आकर्षक बना दिया है। वर्षा के साथ सक्रिय हुए इस झरने का आनंद लेने के लिए आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं और प्रकृति प्रेमियों के बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।
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