
नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। चांदनी चौक क्षेत्र में स्थित शिव शक्ति ज्वेलर्स के संचालक दिनेश जोशी और कारीगर विश्वजीत ने तीन बंगाली कारीगरों पर 410 ग्राम सोना हड़पने का प्रकरण दर्ज कराया है। सोना लेकर भागा आरोपित पश्चिम बंगाल के कोलगुस्तीया थाना जगतबल्लावपोर हावड़ा निवासी संदीपसिंह पुत्र विरेंद्रसिंह दास है। संदीप वेदव्यास कालोनी में किराए के मकान में रहता था।
पुलिस ने संदीप के जीजा पश्चिम बंगाल के श्रीराम वाटी थाना पांडुआ, हुगली निवासी दीपांकर पुत्र परीमल लोहार और भाई राजू के साले बसंतपुर थाना आमता निवासी तपनकुमार पुत्र रतीदास को गिरफ्तार कर लिया है। दीपांकर टाटा नगर गली नंबर तीन और तपन हाट की चौकी क्षेत्र में रहते है। तीनों धनजी बाई के नोहरे में सोने के आभूषण बनाने की कारीगरी का कार्य करते थे।
ब्राह्मणों का वास निवासी दिनेश जोशी ने पुलिस को बताया कि वह गत पांच वर्षों से बंगाल के कारीगर संदीप सिंह, तपन कुमार दास, दीपांकर लोहार को जानता है। 18 नवंबर 2025 को शाम करीब 5:30 बजे तीनों कारीगर उसके पास आए। संदीप सिंह ने ज्वेलरी बनाने की बात कही और तपन कुमार दास और दीपांकर द्वारा जेवरात में मीना लगाने का काम करने की सहमति दी। इस पर जोशी ने 350 ग्राम 0.880 मिलीग्राम, 99.5 टंच वाला सोना आरोपितों को दिया।
लंबे समय तक जेवर तैयार नहीं किए गए तो जोशी ने 08 जनवरी को संदीप सिंह की तलाश की तो संदीप के मकान पर ताला लगा मिला। तपन कुमार दास और दीपांकर से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि सोना लेकर संदीप सिंह गांव भाग गया है। जोशी के परिचित टाटा नगर निवासी बंगाली कारीगर विश्वजीत माणिक ने भी 04 अक्टूबर 2025 को 60 ग्राम, 99.5 टंच वाला सोना संदीप सिंह को दिया था। जोशी और विश्वजीत माणिक का कुल 410 ग्राम 880 मिलीग्राम, 99.5 टंच वाला सोना संदीप सिंह, तपन कुमार दास एवं दीपांकर ने लेकर जेवर बनाकर वापस नहीं देकर अमानत में खयानत की।
संदीप अपनी पत्नी व तीन साल के बेटे के साथ रहता था। भाई राजू भी रतलाम में कारीगर है और 10 दिन पहले अपने गांव चला गया। राजू ने पुलिस को बताया कि संदीप गांव नहीं पहुंचा है। पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजने की तैयारी की जा रही है। संदीप की मोबाइल की आखिरी लोकेशन रतलाम है। शुक्रवार को व्यापारी जोशी ने दिनभर तपन के परिचितों को संपर्क कर सोना वापस लेने के प्रयास किए, लेकिन प्रयास सफल नहीं हुए तो देर रात आवेदन दिया। पुलिस ने आवेदन की जांच के बाद शनिवार को प्रकरण दर्ज कर लिया।
शहर में करीब तीन हजार बंगाली कारीगर है। सराफा इनकी कारीगरी पर निर्भर है। कई ऐसे कारीगर है, जो भागे है, लेकिन व्यापारी के पास पक्के बिल नहीं होने से वे पुलिस के पास नहीं पहुंचते। इसी का लाभ उठाकर कारीगर सोना लेकर भाग जाते है। पुलिस ने इनका सत्यापन भी किया हुआ है। व्यापारी भी इनकी जानकारी अपने पास रखते है। सोना लेकर फरार होने के बाद ये परिवार से दूरी बनाकर अन्य शहर में बस जाते हैं। थाना प्रभारी पातीराम डावरे ने बताया कि रविवार को दीपांकर और तपन को न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगा जाएगा।
चांदनी चौक क्षेत्र के स्वर्ण आभूषण थोक निर्माता अभय सोनी ने शुक्रवार को पुलिस में आवेदन देकर अपने प्रतिष्ठान में कार्यरत कारीगर विकास आडक व विभास आडक पर 165 ग्राम सोना हड़पने का आरोप लगाया है। दोनों कारीगरों को निर्माण के लिए सोना सौंपा गया था और उनके बीच प्रधान–प्रतिनिधि का संबंध था। नियमित स्टाक मिलान के दौरान सोना गायब पाया गया। कई बार मांग के बावजूद कारीगरों ने न तो सोना लौटाया और न ही संतोषजनक जवाब दिया।